नशे में धुत बाबुओं ने पशु पालन विभाग के अपर निदेशक नरेंद्र कुमार गहलौत के साथ उनके दफ्तर में ही हाथापाई कर दी। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके से एक बाबू को पकड़ लायी दूसरा फरार हो गया। पुलिस ने अपर निदेशक की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर एक बाबू कोे हवालात में डाल में दिया है।
कोतवाली इलाके के कुमार टाकीज के पास पशु पालन विभाग के अपर निदेशक नरेंद्र कुमार गहलौत अपने ऑफिस में बैठे काम निपटा रहे थे। आरोप है कि इस दौरान शाम करीब साढ़े बजे सुभाषनगर में किराए पर रहने वाले उनके विभाग कनिष्ठ लिपिक इंद्र भूषण सिंह साल भर से निलंबित चल रहे अपने साथी सीनियर असिस्टेंट नरेंद्र कुमार के साथ ऑफिस में आ धमके। अपर निदेशक ने बताया कि दोनों नशे में धुत थे। उन्होंने आते ही ऑफिस में सभी कर्मचारियों के सामने गाली-गलौंज करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन पर शोषण करने का आरोप लगाते हुए दोनों हाथापाई करने लगे। सूचना पर चीता मोबाइल के सिपाही मौके पर पहुंच गए। नरेंद्र कुमार वहां के भाग गया, इंद्रभूषण सिंह को पुलिस पकड़कर कोतवाली ले गई। प्रभारी निरीक्षक अनिल समानिया ने बताया कि इंद्र भूषण सिंह नशे की हालत में पकड़े गए हैं, नरेंद्र कुमार मौके से भाग गया। दोनों बाबुओं का अपर निदेशक के विवाद चल रहा है। इंद्र भूषण सिंह को अपर निदेशक ने विकास भवन में अटैच करा दिया है। जबकि नरेंद्र कुमार को निलंबित करके बदायूं से अटैच कर रखा है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पकड़े गए बाबू का बृहस्पतिवार को चालान कर दिया जाएगा।
बीस हजार रिश्वत मांगने की थी शिकायत
साहब से बदतमीजी करने के आरोप में हवालात पहुंच बाबू इंद्रभूषण सिंह जलालाबादष शहजहांपुर के खंडहर गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि बीस हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत कमिश्नर से करने पर अपर निदेशक ने उन्हें अटैच कर दिया था। रुपये वह शाहजहांपुर तबादला करने के लिए मांग रहे थे। पशुपालन कार्यालय में ही तैनात विजय बाबू नाम के लिपिक को भी उन्होंने परेशान कर रखा है। शाम को वह तो अकेला ही गया था। उसने अपनी सीएल की स्वीकृति के बारे में बात की। इसी बीच उन्होंने पुलिस को बुला लिया।