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पुलिस पर हमला कर बीडीसी सदस्य के भाई को छुड़ाया

Tue, 19 Jan 2016 01:34 AM IST
बरेली
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शेरगढ़। भैंस चोरी जैसे छोटे अपराध के बहाने बीडीसी सदस्य के हिस्ट्रीशीटर भाई को पकड़ने गए सात सदस्यीय पुलिस दल को गांव वालों ने खदेड़ दिया और आरोपी को भी छुड़ा लिया। पुलिस का आरोप है कि भीड़ ने पुलिस के एक सिपाही की वर्दी फाड़कर नेमप्लेट भी तोड़ दी। पुलिस ने डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए जानलेवा हमले के आरोप की रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि यह ब्लाक प्रमुख चुनाव में दबाव बनाने के लिए पुलिस के इस्तेमाल की एक घटना है जिसे अब नया रंग दिया जा रहा है।
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पुलिस की कहानी के मुताबिक शेरगढ़ कस्बे के मोहल्ला शिवमंदिर निवासी सेवाराम की भैंस चोरी हो गई थी। सेवा राम ने गांव पिपरिया निवासी हिस्ट्रीशीटर शरीफ  खां के खिलाफ  17 जनवरी 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था। सोमवार को पुलिस को सूचना मिली कि शरीफ खां अपने साथियों के संग अपने ही घर पर बैठा है। इस पर दरोगा राजदीप सिंह टीम के साथ गांव पहुंचे। पुलिस को देख शरीफ गन्ने के खेत में भागा। पुलिस ने उसे वहीं घेर लिया पुलिस का कहना है कि  शरीफ  ख्ंा ने अपने को घिरा देख  तमंचे से फायर भी किया फिर भी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस शरीफ को चकरोड पर खड़ी अपनी जीप पर ला रही थी। इसी दौरान गांव के शरीफ उर्फ  छोटे,नफरत, मैसर खां, अबरार खां औक कई महिलाओं ने पुलिस टीम को घेर लिया। सभी के हाथ में लाठी डंडे और धारदार हथियार थे। भीड़ ने पुलिस से हाथापाई कर सिपाही केहर सिंह की वर्दी फाड़ कर उसकी नेमप्लेट भी तोड़ दी। सिपाही के हाथ में थमा डंडा भी छीन लिया गया। भीड़  शरीफ खां को छुड़ा ले गई। भीड़ का गुस्सा देख पुलिस  थाने लौट गई और हमला करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एसओ उपेंद्र सिंह का कहना है कि शरीफ खां की भोजीपुरा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसे और पुलिस पर हमला करने वालों की तलाश की जा रही है।


पुलिस तो बीडीसी सदस्य को उठाने गई थी  
डीआईजी से मिले सुल्तान बेग
बरेली। बसपा विधायक सुल्तान बेग ने इस माले में डीआईजी से मुलाकात कर गांव वालों का पक्ष रखा। विधायक का कहना है कि मामला बीडीसी सदस्य को उठाने का है। शरीफ खां का छोटा भाई बीडीसी सदस्य है और सत्ता पक्ष के लोग उसे उठाने की कोशिश में लगे हैं। विधायक के साथ आई शरीफ खां के भाई कौशर खां की पत्नी अंगूरी ने डीआईजी को बताया कि शरीफ खां और उसके परिवार से उनके परिवार का कोई ताल्लुक नहीं है। शरीफ खां काफी समय पहले गांव छोड़कर नवाबगंज के गांव यमुहा में मय परिवार रह रहा है। उसके भाई कौशर खां हाल में ही बीडीसी का चुनाव जीते हैं। सत्ता पक्ष के कुछ लोग उन्हें दबाव में लेना चाहते हैं। पुलिस भी उनके इशारे पर शरीफ का का नाम लेकर उसके घर लगातार दबिश दे रही है। आठ जनवरी को पुलिस वाले उसके घर आए और धमकी देकर चले गए। आरोप है कि 17 जनवरी को भी एसओ उपेंद्र सिंह और उनकी टीम ने जबरन घर में घुसने की कोशिश की। शरीफ के घर में न होने की बात कहने के बावजूद पुलिस वाले घर में घुस आए और महिलाओं और लड़कियों को बेइज्जत किया। विरोध करने पर मारपीट भी की गई। आरोप है कि सत्ता पक्ष के लोग कौशर खां से जबरन अपने पक्ष के ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी को वोट दिलाना चाहते हैं और इसी को लेकर इस तरह का दबाव बनाया जा रहा है।
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एसपी देहात को दी जांच
डीआईजी आरकेएस राठौर ने घटना को संजीदगी से लेते हुए मामले की जांच एसपी देहात को सौंपी है। जल्द ही जांच कर पूरे मामले की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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