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पूरे घर को जहरीली बर्फी खिला गई किरायेदारनी

Wed, 01 Mar 2017 01:45 AM IST
बरेली
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मर्डर के मामले में पति के जेल चले जाने के बाद मकान से निकाली गई किरायेदार महिला सोमवार रात ब्रह्मदेव का प्रसाद खिलाने के बहाने से गृहस्वामी और उसके परिवार के छह सदस्यों को जहरीली बर्फी दे गई। जिसे खाकर सभी की हालत बिगड़ गई। चक्कर और उल्टियां आने से सभी बेहोश हो गए। मंगलवार सुबह के समय आसपास के लोगों को जानकारी हुई तो खलबली मची। पुलिस ने सातों लोगों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। गृहस्वामी को छोड़ सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। डीआईजी, एसएसपी, एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। साथ ही आरोपी महिला के खिलाफ थाना सुभाषनगर में हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
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मूल रूप से बदायूं के दातागंज क्षेत्र के गांव भुड़ेली निवासी महेंद्र सिंह यादव सुभाषनगर क्षेत्र के अनुपम नगर में काफी समय पहले से रहते हैं। वह यहां तांगा बुग्गी चलाते हैं। उनके घर पर जनवरी 2016 में शाहजहांपुर के जलालाबाद निवासी पिंकू सिंह उर्फ राघव किराये पर रहने आया। पंद्रह सौ रुपये महीने के हिसाब से उसे महेंद्र सिंह ने अपने घर में कमरा दे दिया। राघव के साथ उसकी पत्नी आरती उर्फ गौरी भी रही। दोनों ने लोगों को मेहंदी लगाने का काम बताया था। 19 जुलाई 2016 को राघव के साले जागेंद्र का जलालाबाद में ही मर्डर हो गया। जिसमें राघव जेल चला गया। इसकी जानकारी पर महेंद्र ने गौरी से कमरा खाली करा लिया। कुछ दिन बाद वह सामान भी निकाल ले गई। सोमवार रात आठ बजे गौरी महेंद्र के घर एक बर्फी का डिब्बा लेकर आई। उसने कहा कि यह ब्रह्मदेव पर चढ़ाया गया प्रसाद है। सभी ने खाना खाने के बाद बर्फी खा ली। जिससे वह बेहोश हो गए और रात में एक एक करके सभी की तबियत बिगड़ी तो उल्टियां हुईं। मंगलवार सुबह भनक लगने पर आसपास के लोग पहुंचे। मोहल्ले में ही कुछ दूर रहने वाले महेंद्र के भाई राम भजन भी जानकारी पर उसके घर पहुंच गए। देखा महेंद्र के अलावा उसकी पत्नी 40 वर्षीय पंचमी देवी, 13 वर्षीय बेटी कुमकुम, सात वर्षीय बेटा अजय, 10 वर्षीय सूरज और 19 वर्षीय बबलू व उसकी पत्नी 18 वर्षीय प्रीति बेहोश थीं। सभी को उल्टी हुई थीं। जानकारी पर  एसपी सिटी समीर सौरभ, सीओ द्वितीय स्नेहलता, इंस्पेक्टर सुभाषनगर अतुल प्रधान पुलिस के साथ पहुंच गए। डॉक्टरों के मुताबिक महेंद्र ने दोबारा छह बजे बर्फी खाई, इसलिए उसकी हालत ज्यादा खराब हुई। जबकि अन्य छह सदस्यों को इलाज के बाद होश आ गया। उन्होंने बताया कि चूंकि गौरी उनके घर किराये पर रही, इसलिए उसका विश्वास कर प्रसाद के नाम की बर्फी उन्होंने खा ली, वह कितने समय रात में घर से भाग गई इसकी उन्हें जानकारी नहीं। 

महेंद्र ने सुबह दोबारा क्यों खाई बर्फी...
बरेली। 
घर से निकाली गई किरायेदार महिला द्वारा पूरे गौरी परिवार को जहरीली बर्फी खिलाकर उनकी जान लेने की कोशिश का मामला कई सवाल छोड़ गया है। सभी के जहन में सवाल तैर रहा कि जब रात में बर्फी खाने के बाद सभी घर के सदस्यों की हालत बिगड़ गई थी, तो फिर मंगलवार सुबह छह बजे खाली पेट ही महेंद्र ने दोबारा बर्फी क्यों खाई। इससे उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। वहीं अभी तक पुलिस यह पता नहीं लगा पाई है कि महेंद्र के पूरे परिवार की जान लेने का महिला गौरी का मकसद क्या था। वह अचानक ही क्यों इतने दिनों बाद महेंद्र के घर पहुंची। वहीं उसके परिवार को गौरी का इतना विश्वास था कि महेंद्र के सामने स्थित श्याम शरण के मकान में शादी समारोह चल रहा था, जिसमें पंचमी देवी बैठी हुई थीं, गौरी के आने के बाद उन्हें समारोह में से बुलाया गया। 
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दस साल के विकास, दो साल का नैतिक बच गया
महेंद्र का दस साल का बेटा विकास खाना खाते ही सो गया था। इसलिए उसने बर्फी नहीं खाई और उसकी गोद में उसके भाई बबलू का दो साल का बेटा नैतिक और एक साल की बेटी अन्नया भी थी। यह तीनों बच्चे जहरीली बर्फी से बच गए। विकास ने बताया कि वह तो खाना खाने के बाद सो गया था। रात में क्या हुआ यह पता ही नहीं। वहीं महेंद्र का एक बेटा मझले पड़ोसी की शादी में सोमवार फरीदपुर गया था।  

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लिया बर्फी का नमूना
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और उसने बचे हुए बर्फी के टुकड़ों का नमूना लिया। टीम ने बताया कि अभी बर्फी का नमूना जांच को भेजा जा रहा है। 

शाहजहांपुर के स्कंद स्वीट्स हाउस से खरीदी गई बर्फी
शाहजहांपुर बहादुरगंज स्थित स्कंद स्वीट्स हाउस के डिब्बे में बर्फी रखी हुई थी। इससे साफ हो गया कि यह बर्फी इसी स्वीट्स हाउस से खरीदी गई। पुलिस इसके बारे में भी पता लगा रही है। 

दो पत्नी रखता था राघव, एक बच्चा होने पर हुआ था विवाद
गौरी के साथ ही प्रिंसी नाम की लड़की भी राघव के साथ रहती थी, जिसे वह गौरी की बहन और अपनी साली बताता था। लेकिन 19 जुलाई 2016 से करीब दो महीने पहले प्रिंसी के बच्चा हुआ तो उसका भेद खुला कि यह दूसरी पत्नी है। इस पर भी खासा विवाद हुआ था और राघव को उसी समय प्रिंसी के साथ घर से निकाल दिया गया था। राघव महेंद्र के पीछे ही दूसरे मकान में किराये पर रहने लगा था। इस दौरान वह गौरी के पास आता जाता रहता था। 

कोई सामान नहीं हुआ इधर से उधर
इंस्पेक्टर अतुल प्रधान का कहना है कि महेंद्र के घर का कोई भी सामान इधर से उधर नहीं हुआ। परिवार के सभी मोबाइल फोन भी घर में ही मिल गए। जबकि अस्पताल में भर्ती महेंद्र के बेटे बबलू ने कुछ सामान जाने की आशंका जताई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि महिला किरायेदार का सामान भी महेंद्र के ही घर में है। इसलिए इसे किरायेदारी के विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। 

बर्फी में जहर के लक्षण होने की संभावना पूरी तरह से है। इसलिए पीड़ितों को उल्टी के साथ बेहोशी हुई है। उल्टी में निकला वेस्ट जांच को भेजा जा रहा है। चूंकि महेंद्र ने सुबह छह बजे खाली पेट दोबारा बर्फी खाई थी, इसलिए उसकी हालत ज्यादा खराब है। बाकी छह सदस्य खतरे से बाहर हैं। 
- डॉ.शैलेश रंजन, इमरजेंसी आफिसर, जिला अस्पताल

किरायेदार महिला आरती उर्फ गौरी के खिलाफ बर्फी खिलाकर परिवार की जान लेने की कोशिश करने के आरोप की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। उसका पूरे परिवार की जान लेने का मकसद क्या था, इसकी जानकारी उसके पकड़े जाने के बाद ही पता चल पाएगी। उसका पति भी जेल में है। किराये को लेकर झगड़े की बात भी सामने नहीं आई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। 
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समीर सौरभ, एसपी सिटी
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