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बरेली कॉलेज प्राचार्य आवास में गार्ड की हत्या का मामला

Mon, 08 Feb 2016 01:22 AM IST
बरेली
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बरेली। बरेली कॉलेज के प्राचार्य आवास में सुरक्षा गार्ड सोम प्रकाश की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया है। हालांकि परिवार वालों की शिकायत पर पुलिस ने सिक्योरिटी कंपनी के सुपरवाइजर बबलू उर्फ राजीव कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। परिवार वालों का कहना है कि सोमप्रकाश ने रामगंगा पुल पर ड्यूटी करते समय बबलू उर्फ राजीव कुमार को सरिया और सीमेंट चोरी करके बेचते हुए पकड़ लिया था। इसी को लेकर सुपरवाइजर ने सोमप्रकाश को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
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शनिवार की रात को बरेली कॉलेज के प्राचार्य आवास में सुरक्षा गार्ड की गोली लगने से मौत होने के बाद हड़कंप मच गया था। सुरक्षा गार्ड का शव सीधे पड़ा मिला था। एक पैर का जूता भी निकला था। फील्ड यूनिट की छानबीन में मौत का कारण गोली लगना पाया गया था। घटना की जानकारी मिलने पर तड़के में करीब तीन बजे सरजीत सिंह मौके पर पहुंच गए, लेकिन इससे पहले ही शव पुलिस कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा चुकी थी। सरजीत सिंह वहीं कहने लगा कि उसके भाई की शिव सिक्योरिटी प्लेसमेंट सर्विस के सुपरवाइजर बबलू उर्फ राजीव कुमार, निवासी ग्राम नवादा, थाना खुदागंज(शाहजहांपुर) ने हत्या की है। सोमप्रकाश करीब डेढ़ साल से शिव सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी कर रहा है। इससे पहले वह रामगंगा पुल के निर्माण कार्य के दौरान वहां की सुरक्षा में ड्यूटी कर रहा था। सरिया और सीमेंट चोरी करने पर सोमप्रकाश ने सुपरवाइजर की शिकायत कर दी थी। सरजीत सिंह ने मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखाने को तहरीर देकर बबलू उर्फ राजीव कुमार पर ही हत्या करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सुपरवाइजर ने दो महीने पहले ही उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी थी। 24 घंटे गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने अभी तक मुकदमा नहीं लिखा है। भाई के आरोपों के आधार पर भी पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है, लेकिन अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।


कहीं गार्ड की बंदूक से ही तो नहीं मार दिया
-सुरक्षा की गार्ड सोमप्रकाश की हत्या के मामले में पुलिस बुरी तरह से उलझ गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि कहीं गार्ड की बंदूक से ही तो सोमप्रकाश की हत्या तो नहीं कर दी गई है। फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस भी पुख्ता तरीके से आत्महत्या की बात कह सकती है, लेकिन फिलहाल तो पुलिस किसी तरीके से मामले को आत्महत्या साबित करके निपटाने की फिराक में हैं।  
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फील्ड यूनिट तो आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है
बरेली। फील्ड यूनिट की रिपोर्ट के मुताबिक तो सोम प्रकाश की मौत के बाद के हालात आत्महत्या की ओर ही इशारा कर रही है। टीम ने सोमप्रकाश के हाथों को धोकर पानी को कब्जे में ले लिया है। उसके मौजे भी कब्जे में लिए गए। दोनों को फील्ड यूनिट जांच के लिए फौरेंसिक लैब भेज रही है। वहां की रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस सोमप्रकाश की मौत की गुत्थी सुलझा पाएगी।

दहिने पैर का जूता
दहिने पैर का जूना निकले होने से पुलिस को यह लग रहा है कि सोमप्रकाश ने उसकी अंगुली से ही गोली चलाई है। उसने शायद फायर भी उसने बैठकर ही किया है। टीम के मुताबिक कई बार इस तरह से गोली लगने के बाद मृतक पीछे को ही गिर जाता है।
ब्लैकनिंग
सोमप्रकाश की जैकेट से लेकर सभी कपड़ों और शरीर में गोली से हुई छेद में ब्लैकनिंग मिली है। फील्ड यूनिट की टीम का कहना है कि यह भी हो सकता है कि गोली सोमप्रकाश की ही बंदूक से लगी हो, क्योंकि उसकी बंदूक में फंसे मिला कारतूस भी चला हुआ निकला है। इससे यह लग रहा कि गोली को सटाक र मारा गया है।   
पेट में निकले 40 छर्रे
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सोमप्रकाश के पेट में करीब 40 बारह बोर के कारतूस के छर्रे मिले हैं। सोमप्रकाश के शरीर पर चोट के क हीं निशान नहीं है। मृतक को जैकेट पहने था, उसमें भी गोली से जलने का निशाना था। स्वेटर और शर्ट में भी गोली के निशानों में ब्लैकनिंग पाई गई है।
कपड़ों पर लगी मिट्टी
फील्ड यूनिट की रिपोर्ट के मुताबिक सोमप्रकाश के कपड़ों पर लगी मिट्टी प्राचार्य आवास के फर्श की है। गोली लगने के बाद उसका कैप और कपड़े डिस्टर्ब नहीं हुए हैं। घटना स्थल से मिट्टी में शामिल बारुद का भी नमूना लिया गया है।
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