बरेली।
पुरानी जेल की 84 एकड़ जमीन पर कुल 18 योजनाएं प्रस्तावित की हैं। जिला कारागार के पुराने भवन को तोड़ने के बजाए उसे हेरिटेज ग्रीन पार्क के तौर पर विकसित किया जाना है। यहां आईटी पार्क के अलावा दीनदयाल ऑडिटोरियम, शोरूम, बस स्टेशन, होटल, रहने के लिए मकान सब कुछ होगा। इस पूरे परिसर का नाम बरेली सेंट्रल रखा जाएगा। यहां से ग्यारह किलोमीटर की दूरी पर सिविल एन्क्लेव है। डेढ़ किलो दूरी पर बस स्टेशन और 1.02 किलोमीटर पर रेलवे जंक्शन है। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने इसका ले आउट तैयार करा लिया है। शासन की मुहर लगते ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
पुरानी जेल की जमीन में प्रस्तावित योेजनाएं
प्रस्तावित योजना जमीन
1-हेरिटेज ग्रीन पार्क 79583 वर्ग मीटर (19.66 एकड़)
2-आईटी पार्क 20635 वर्ग मीटर (5.09 एकड़)
3-दीनदयाल आडिटोरियम, कला,
संगीत एवं नाट्य अकादमी 36625 वर्ग मीटर(9.04 एकड़)
4-कामर्शियल कांपलेक्स 19362 वर्ग मीटर(4.78 एकड़)
5-हाई स्ट्रीट शॉप्स और शोरूम 3444 वर्ग मीटर( 0.85 एकड़)
6-होटल एवं पर्यटन विभाग कार्यालय 7969 वर्ग मीटर(1.96 एकड़)
7-एडवांस स्किल सेंटर एवं ई-लाइब्रेरी 7969 वर्ग मीटर(1.69 एकड़)
8-प्रशासनिक न्यायिक भवन पार्किंग
एवं अतिरिक्त परिसर 25904 वर्ग मीटर(6.04 एकड़)
9-परिवहन विभाग भवन परिसर 7529 वर्ग मीटर(1.96 एकड़)
10-महिला एवं बाल कल्याण विभाग महिला
शरणालय नागरिक सुरक्षा एंव होमगार्ड 18637 वर्ग मीटर(4.06 एकड़)
11-विद्युत स्टेशन 5830 वर्ग मीटर(1.44 एकड़)
12- रेजीडेंशियल टावर्स 10335 वर्ग मीटर(2.56 एकड़)
13-स्कूल 2816 वर्ग मीटर(0.07 एकड़)
14-यूथ हॉस्टल 1406 वर्ग मीटर(1.01 एकड़)
15-कामर्शियल भूखंड 13455 वर्ग मीटर(3.32 एकड़)
16-आवासीय भूखंड 1881 वर्ग मीटर(2.02 एकड़)
17-सड़क एवं पैदल पथ 56672 वर्ग मीटर(14 एकड़)
18- मुख्य सड़क 10720 वर्ग मीटर(2.65 एकड़)
सड़क, सीवर पर 74. 36 करोड़ खर्च होंगे
बरेली सेंट्रल की सड़क, सीवर आदि सुविधाओं और विकास कार्यों पर करीब 63. 12 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। करीब 11 करोड़ 36 लाख रुपये जीएसटी लगने के बाद यह खर्च 74.48 करोड़ होगा।
318.82 करोड़ है जमीन की सरकारी कीमत
पुरानी जेल की जमीन का आवासीय सर्किल रेट 45 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। जबकि यहां के कामर्शियल रेट 65 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर है। इसके हिसाब से पुरानी जेल की करीब 84 एकड़ जमीन की कीमत 318.82 करोड़ बैठ रही है। शासन सर्किल रेट पर कोई फैसला भी ले सकता है।
जमीन बिकने से 470.81 करोड़ मिलेंगे
परियोजना के पूर्वी क्षेत्र में 3440.58 वर्ग मीटर में व्यवसायिक भूखंड होंगे। दक्षिण एवं पश्चिमी क्षेत्र में 22456 वर्ग मीटर आवासीय भूखंड होंगे। इनकी बिक्री करने से करीब 470.81 करोड़ रुपये की आय होगी।
हाई स्ट्रीट शोरूम 44 होंगे। एक शोरूम एक करोड़ का बिकेगा। आवासीय भूखंड को 51 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर से बिक्री होगी। इससे 41.70 करोड़ रुपये की आय होगी। कामर्शियल भूखंड 75 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर से बिकने हैं। इनसे 100.90 करोड़ रुपये की आय होगी। आईटी पार्क की जमीन भी करीब इतनी ही रकम में बिकेगी। यूथ हॉस्टल की जमीन 51 हजार रुपये वर्ग मीटर से 20.95 करोड़ में बिकनी है। कामर्शियल काम्पलैक्स की जमीन 75 हजार रुपये वर्ग मीटर से 145.22 करोड़ में बिक्री होगी। रेजीडेंशियल टावर्स की बिक्री 61 हजार रुपये वर्ग मीटर से होगी। इससे 63.04 करोड़ रुपये मिलेंगे। स्कूल की जमीन 14.36 करोड़ में बिक्रेगी। होटल की जमीन 40.64 करोड़ रुपये में बिकेगी।
हेरिटेज पार्क में ही संग्रहालय भी बनेगा
-पुरानी जेल के भवन को नया रूप देकर हेरिटेज पार्क के तौर पर विकसित किया जाना है। यहीं एक संग्रहालय भी बनेगा। जिसमें बरेली की एतिहासिक मूर्तियां, शस्त्र, बर्तन, सिक्के और चित्र आदि को रखा जाएगा।
बरेली से करीब 55 किलोमीटर दूर अहिच्छत्र में उत्खनन में पुरातात्विक महत्व की तमाम वस्तुएं हैं। जिन्हें संग्रहालय में रखा जाएगा। जिन लोगों के पास पुराने सिक्के हैं। उन्हें भी संग्रहीत किया जाएगा।
टूरिस्टों के लिए चलेंगी वाल्वो
बरेली सेंट्रल में हाईटेक बस अड्डा होगा लेकिन यह आम लोगों के नहीं बनाया जा रहा है। इस बस स्टेशन से वाल्वो बसों को टूरिस्टों के लिए चलाया जाएगा। सिविल एन्क्लेव बनने से बरेली हवाई सेवा से जुड़ने की वजह से तमाम लोगों के यहां आने की संभावना है। नैनीताल जाने वाले टूरिस्ट भी यहीं होकर जाते हैं। टूरिस्टों के रुकने के लिए ही बरेली सेंट्रल में होटल बनवाया जा रहा है। यहीं से चूका बीच, दुधवा, नैनीताल और नानकमत्ता, जिम कार्बेट पार्क भी जा सकेगा।
बरेली सेंट्रल में झुमका भी लगेगा
प्रभारी मंत्री बृजेश पाठक के प्रस्ताव पर बरेली सेंट्रल में झुमका भी लगाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए ले आउट में स्थान छोड़ा गया है। झुमका बरेली की पहचान है। इसलिए यह लगाया जाना शहर में प्रस्तावित था लेकिन अभी तक लग नहीं पाया है।
बरेली सेंट्रल के ले आउट सभी जनप्रतिनिधियों और आला अधिकारियों की राय के बाद तैयार कराया गया है। इसे प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन के पास भेजा जा रहा है। वही इस पर फैसला लेंगे। हम चाहते हैं कि शासन की निगरानी में इस परियोजना पर काम हो। ले आउट के मुताबिक जिस हमारी जमीन से ही काफी धनराशि मिल जाएगी। इसके बाद कुछ धनराशि शासन से मांग ली जाएगी। बरेली सेंट्रल शहर के लिए नई पहचान होगी- राघवेंद्र विक्रम सिंह, डीएम