सिविल लाइंस स्थित न्यू तुलसी शॉप में बंगलुरू से आई कास्मेटिक निर्माता कंपनी की विजिलेंस टीम और कोतवाली पुलिस ने छापामारी करके नकली कास्मेटिक सामग्री जब्त की। नामचीन कंपनियों की लिपस्टिक, आई लाइनर और क्रीम पकड़ी गई, जिनमें खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया गया था। विजिलेंस टीम की तरफ से कोतवाली में दुकान के मालिक दिनेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है।
बंगलुरू से आईं कंपनी की प्रतिनिधि नयनतारा के मुताबिक, बाजार सर्वे में सामने आया था कि यहां दुकानों में नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं। इस पर वह सोमवार को एसएसपी जोगेंद्र कुमार से मिली थी। उन्होंने सर्वे के बारे में उन्हें रिपोर्ट दी। इसके बाद एसएसपी ने कोतवाली पुलिस की टीम को छापामारी के लिए उनके साथ लगाया था। दोपहर करीब दो बजे टीम दुकान पर पहुंची। कंपनी की प्रतिनिधि ने दुकान में रखे उत्पाद को निकालकर जांचा। उन्होंने करीब 13 नकली उत्पाद की पहचान करने के बाद उन्हें जब्त करवा दिया।
मेरे पास हैं पक्के बिल
छापामारी के दौरान दुकान के मालिक दिनेश कुमार कहते रहे कि उनके पास हर उत्पाद के पक्के बिल मौजूद हैं, लेकिन कंपनी प्रतिनिधि के मुताबिक उन्हें खरीद के बिल नहीं, बल्कि सही गुणवत्ता वाले उत्पाद चाहिए। इसका जवाब दुकान के मालिक के पास नहीं था।
दिल्ली से आता है माल
कंपनी के प्रतिनिधियों के मुताबिक, महिलाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने नकली उत्पाद दिल्ली के करोल बाग और कनॉट प्लेस से लाए जा रहे हैं। हरियाणा से लेकर दिल्ली तक ऐसे नकली उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जिनमें बेहद घटिया केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है।
‘डी’ मैटेरियल में सौ गुने का मुनाफा
पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के बाजार से लाए जा रहे ‘डी’ मैटेरियल में सौ गुने का मुनाफा होता है। मसलन 30 रुपये के सामान को 300 रुपये तक बेचा जाता है। पहले भी बाजार में कास्मेटिक का ‘डी’ मैटेरियल पकड़ा जा चुका है। हालांकि मुनाफे के चक्कर में दुकानदार मैटेरियल खपा रहे हैं।
ग्राहक बनकर हुआ था सर्वे
महिला प्रतिनिधियों ने लॉरेल और लक्मे कंपनी के उत्पादों को जांचने के लिए ग्राहक बनकर इनकी खरीद की थी। उन्हें जांचने के बाद पता चला कि सभी नकली हैं। इन सर्वे में कई और दुकान भी चिह्नित हुई हैं। हालांकि बाकी दुकानों पर छापामारी मंगलवार को नहीं हो सकी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
कोतवाली एसएसआई अजय कुमार ने बताया कि दुकान के बिलों में भी गड़बड़ी मिली है, इसलिए दिनेश कुमार के खिलाफ कूट रचित दस्तावेज के जरिये धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर हुई है।