चर्चित वारदात का खुलासा भी चौंकाने वाला है। बदमाश मुतमईन थे कि सराफ लूट की खबर पुलिस को नहीं देंगे। शत्रुघ्न और मनोज सराफा के लिए कई बार सोना लखनऊ से लेकर आ चुके हैं। दोनों ने देखा था कि टैक्स बचाने के लिए सराफ बिना लिखा-पढ़त के सोना लाते थे। पुलिस के चक्कर से बचने के लिए सराफ कई मामलों की सूचना पुलिस को नहीं देते थे। शत्रुघ्न के मुताबिक, तीन किलो सोने की लूट की सूचना भी सराफ पचा गए थे। इससे उनके हौसले बढ़ गए। उन्होंने मान लिया कि अभिलाष भी बिना लिखा-पढ़त के सोना ला रहे होंगे, लेकिन जब लूट की सूचना पुलिस को दी गई तो बदमाश भी चौंक गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लूट की खबर शहर के दो सराफ को भी थी। बदमाशों की कॉल रिकार्डिंग में ऐसी बातचीत भी मिली है कि जिसमें शहर के एक सराफ ही पूछ रहे हैं कि वारदात तुमने की है, कितने लोग साथ में थे। बदमाश उस सराफ को पूरी जानकारी दे रहा है। फिलहाल, इन सराफ के नाम पुलिस की जांच का हिस्सा है। वहीं, इमरान की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। सराफ से लूटा गया सोना भी यहीं गलाने की योजना थी, लेकिन इससे पहले ही बदमाश पकड़े गए।
इस टीम ने किया खुलासा
एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने 10 टीमों का गठन किया था। जिसमें एसटीएफ प्रभारी अजय पाल, क्राइम ब्रांच के प्रभारी कमरुल हसन, कोतवाली इंस्पेक्टर गीतेश कपिल, इज्जतनगर इंस्पेक्टर नरेश त्यागी, सर्विलांस प्रभारी जावेद खां उनकी टीम में मोहित, नितिन कुमार, हरेंद्र कुमार, सतीश कुमार, क्राइम ब्रांच के मोबीन, रामेंद्र और अंकुल ने मामले का खुलासा किया है।