बरेली। ‘लुटेरे’ बच्चों के गैंग के दो सदस्यों ने हरियाणा के एक कारोबारी को उनकी गाड़ी से तेल निकलने की बात कहकर बातों में उलझाया और फिर कार में रखे 60 हजार रुपयों से भरे बैग को निकालकर भाग निकले। संयोग से कारोबारी की नजर पड़ गई और उन्होंने एक बच्चे को दौड़ाकर पकड़ लिया। उसका साथी भाग गया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बच्चे से पूछताछ कर उसके गैंग को पकड़ने की कोशिश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली है।
हरियाणा के गुड़गांव निवासी विकास कुमार अपने साथी अमित के साथ शनिवार को दोपहर 12 बजे पीलीभीत की ओर जा रहे थे। रिठौरा में जर्जर रोड़ पर कार की स्पीड धीमी थी। उसी समय एक राहगीर ने उनको बताया कि कार का पिछला पहिया पंचर है। विकास कार को साइड में खड़ी करके दुकान पर टायर का पंचर चेक कराने लगे। तभी 14 साल का लड़का नजदीक आया और उसने कार में बैठे अमित से कहा कि आगे बोनट से नीचे तेल बह रहा है। इस पर अमित कार से उतर कर बोनट चेक करने चले गए। इतने में उसका दूसरा साथी जिसकी उम्र करीब 17 साल थी, कार का दरवाजा खोलकर उसमें रखा बैग लेकर भागने लगा। पहला लड़का भी मौके से फरार हो गया। कार मालिक की नजर बैग लेकर भाग रहे लड़के पर पड़ी तो वह भी फुर्ती से तुरंत उसके पीछे भागे। करीब सौ मीटर की दूरी पर दौड़ाकर उन्होंने लड़के को बैग समेत पकड़ लिया। उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया जबकि दूसरा बच्चा भागने में सफल रहा। कार मालिक के अनुसार बैग में 60 हजार रुपये और जरूरी कागजात थे। पकड़े गए लड़के ने अपना पता बरेली स्टेशन बताया। दूसरे लड़के के बारे में वह कुछ भी नहीं बता रहा है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। देर शाम तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी।
‘कार मालिक ने न तो बैग लेकर भागने की तहरीर दी है न ही 60 हजार रुपये की बात बताई। लड़के से पूछताछ चल रही है। रिपोर्ट तहरीर मिलने के बाद दर्ज की जाएगी।’ धर्मेंद्र कुमार, एसओ रिठौरा