जगतपुर निवासी रईस के 11 वर्षीय बेटे अयान की अपहरण करने के एक घंटे बाद ही पीलीभीत हाईवे स्थित तुलसीनगर के एक खंडहर में ले जाकर हत्या कर दी गई थी। चाचा इरफान ने उसके पैर पकड़े और निहाल ने गर्दन दबा दी थी। इसके बाद लाश को बोरी में बंदकर डोहरा मोड़ के पास पेड़ों के झुरमुट के बीच फेंक दिया था। घटना के खुलासे के दौरान जब इरफान से पूछा गया कि अपने ही भतीजे को क्यों मार दिया, तो बोला- भाई रईस के पास अच्छी खासी रकम थी लेकिन मांगने पर भी उसने मदद नहीं की, इसलिए अपहरण की साजिश रची थी। अयान को पकड़े जाने के डर से मार दिया था। पुलिस ने सोमवार को इरफान और उसके दोस्त निहाल को जेल भेज दिया।
पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच और बारादरी थाने की पुलिस ने अयान अपहरण और हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक जब पूरा परिवार अयान को तलाश रहा था तो इरफान और निहाल उनसे अलग खोजबीन के बहाने बार-बार जगतपुर की एक दुकान पर सिगरेट पीने जाते रहे। जब पुलिस ने दोनों की मोबाइल लोकेशन निकाली तो अपहरण से लेकर शव मिलने तक दोनों की लोकेशन साथ-साथ मिली। उन्होंने अपहरण के बाद अयान की मां का मोबाइल भी वहीं नाले में फेंक दिया था। हत्या के खुलासे पर एसपी सिटी रोहित सिंह ने बारादरी थाने के प्रभारी उपेंद्र सिंह, क्राइम ब्रांच प्रभारी सौरभ सिंह, सर्विलांस प्रभारी जावेद, दरोगा गिरीश और रजनीश को पूरी टीम सहित बधाई दी।
बकौल पुलिस, अयान का अपहरण उसके चाचा इरफान ने ही 10 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए किया था। इरफान जगतपुर के व्यस्त बाजार से 17 दिसंबर की दोपहर अयान का अपहरण करके निहाल के साथ तुलसीनगर ले गया था। 10 लाख की फिरौती का पत्र इरफान ने अपहरण से पहले ही लिख लिया था। दोनों के बीच फिरौती की रकम आधी-आधी बांटने की बात तय हुई थी। इरफान ने बताया कि सऊदी में रह रहे भाई नाजिम ने रईस को छह लाख रुपये जमीन खरीदने के लिए भेजे थे। दो लाख रुपये रईस के पास पहले से थे। उसने रईस से कुछ रुपयों की मदद मांगी तो उसने मना कर दिया। इसके बाद ही अयान का अपहरण करके फिरौती वसूलने की योजना बनाई थी।