लिपिक ने सफाई नायक और उसके कई साथियों के खिलाफ सपा का झंडा लगी बगैर नंबर की गाड़ी में डालकर अपहरण की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है।
झगड़ा नगर निगम में तैनात पूर्व ट्रांसपोर्ट लिपिक हरिओम बाल्मीकि और सफाई नायक संजीव बाल्मीकि के बीच हुआ जो रिश्ते में चचेरे-तहेरे भाई भी हैं। बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे संजीव सफारी गाड़ी लेकर अपने भाई का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने छह-सात साथियों के साथ नगर स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर पहुंचे। इसी दौरान किसी बात पर उनका हरिओम से विवाद हो गया। बात बढ़कर गालीगलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। फोन पर झगड़े की सूचना मिली तो चौकी इंचार्ज रजनी द्विवेदी पुलिस बल के साथ पहुंच गईं। पुलिस देखते ही संजीव और उनके साथी अपनी गाड़ी छोड़कर नगर निगम के पिछले गेट से भाग निकले। पुलिस ने उनमें से एक को पकड़ लिया। हरिओम ने कोतवाली में तहरीर दी कि वह जनगणना दफ्तर में बैठे थे, तभी कार्यवाहक सफाई नायक संजीव, अपने साथी रंजीत, मनोज सिंह, श्याम स्वरूप, विशाल, अंशू, आशीष आदि साथियों के साथ वहां पहुंचे और उन्हें तमंचा दिखाकर अपनी बिना नंबर की सफारी में डाल लिया। इस गाड़ी पर सपा का झंडा भी लगा था। इन लोगों ने उन्हें जबरन ले जाने की कोशिश की। साथी कर्मचारियों ने उन्हें जैसे-तैसे छुड़ाया। पुलिस ने बगैर नंबर की सफारी कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। उधर, सफाई नायक संजीव का कहना है कि उन्होंने हरिओम बाल्मीकि की डीजल चोरी की शिकायत की थी। इसकी जांच चल रही है। इसी कारण उन्होंने झूठी एफआईआर दर्ज कराई है।