महिला थाने के आगे बने कमरे में रहने वाले रिक्शा चालक राजेश कुमार के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा लिखाकर मुकरने वाले असम की महिला सोमवार को थाना बारादरी जा पहुंची। उसने कथित पति धीरज उर्फ ठाकुर और उनके भाई पर शराब पिलाकर दुष्कर्म का आरोप लगा दिया। पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर उसका मेडिकल कराया।
सोमवार सुबह नशे की हालत में थाने पहुंची महिला की नाक के दोनों तरफ खून लगा था। पुलिस कर्मियों को उसकी टूटी-फूटी हिंदी समझ नहीं आई। पहले तो मानसिक विक्षिप्त समझकर उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया लेकिन जब मीडिया कर्मियों ने नए इंस्पेक्टर कमरुल हसन खां को उसके बारे में बताया तो उसकी बात को सुना गया। उन्होंने थाने के मुंशी को बुलाकर महिला की तरफ से उसके पति और देवर पर शराब पिलाकर चक नवादा में मारपीट करने के आरोप में एनसीआर लिखा दी। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल के बाद यदि कोई धारा बनती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिक्शा चालक राजेश रिहा हो गया
बलात्कार का आरोप सिद्ध न होने पर कोतवाली पुलिस ने आईपीसी की धारा 169 के तहत रिपोर्ट भेजकर महिला थाने के बाहर कमरे में रहने वाले रिक्शा चालक राजेश कुमार को बेगुनाह बताकर रिहा करा दिया। प्रभारी निरीक्षक सुधीर पाल धामा ने बताया कि बलात्कार की घटना ही नहीं हुई थी। महिला ने झूठा मुकदमा लिखाया था इसलिए राजेश को रिहा करा दिया गया है।