सैंजना गांव की तीन बहनों की हत्या में नामजद राजू शर्मा की भी मंगलवार की सुबह एक खेत में लाश मिल गई। शव के पास तीन तरह के कीटनाशक रखे थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी जहर का संदेह व्यक्त किया गया है। इधर उसके घर वाले कह रहे हैं कि उसे जहर खिलाकर मार डाला गया। बहरहाल पुलिस इसे भी आत्महत्या ही मान रही है।
गांव से दो किलोमीटर दूर ही राजू की लाश मिलने से गुत्थी और उलझ गई है। पुलिस कह रही है कि राजू ने तनाव में आत्महत्या कर ली है। जिस तरह तीनों बहनों की हत्या के बाद राजू की लाश मिली है उससे उसकी हत्या की आशंका बनती है। उसकी मां हत्या की बात कह रही है। उसका कहना है- जानती हूं किसने मारा लेकिन अभी नाम नहीं बता सकती। रात को हुए पोस्टमार्टम से स्पष्ट हुआ है कि राजू की मौत दो दिन पहले ही हो गई थी, मौत की वजह स्पष्ट न होने के कारण विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा। जिस दिन तीनों बहनें लापता हुईं उस दिन राजू गांव में नहीं था लेकिन एक दिन पहले लड़कियों के साथ देखा गया था। पुलिस उसके पिता को साथ लेकर उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने मंगलवार को ही उसकी लोकेशन पंजाब में मिलने का दावा किया था लेकिन दोपहर करीब बारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि सैंजना और परचवा गांव के बीच में दो किलोमीटर उत्तर और पूरब दिशा में मक्खन लाल के तिल के खेत में युवक की लाश पड़ी है। सूचना मिलते ही गांव के लोगों का मौके पर हुजूम लग गया।
एसओ सतेंद्र यादव ने उसके धर्म पिता होमगार्ड महेश चंद्र शर्मा और उसके भाई शिवम को थाने से छोड़कर शव की शिनाख्त कराने भेज दिया। राजू की शिनाख्त होते ही खलबली मच गई। पुलिस को आसपास की तलाशी के दौरान खेत में ही शव से थोड़ी दूरी पर कीटनाशक दवा की दो शीशी मिल गईं। इसके अलावा वहीं पर एक थैली में खुला हुआ पाउडर भी रखा हुआ मिला। राजू की कमर से नीचे एक गहरा घाव है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। राजू का मोबाइल पोस्टमार्टम के दौरान मिलना बताया गया, घटना स्थल से पुलिस ने सिम बरामद किया है।
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि फिलहाल तो यही लग रहा है कि राजू ने जहर खाकर आत्महत्या की है। गांव की तीन बहनों की मौत के मामले में राजू की तलाश की जा रही थी। शायद इसी टेंशन में उसने आत्महत्या की है।
सहमा सैंजना: अब मिली चौथी लाश
सैंजना गांव की त्रिवेणी के मुताबिक दोस्त सोमपाल गंगवार और उसकी पत्नी के साथ दिल्ली गया राजू 27 अगस्त को वापस आ गया था। शाम को सिंधौंली में ही उसने बेटे को छुपे रहने को कह दिया था। तड़के में सुबह चार बजे वह उसे सोमपाल के साथ प्रधान मोहम्मद यूसुफ के घर लेकर गई थी, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पाई थी। त्रिवेणी ने बताया कि वह उसे पुलिस को सौंपना चाहती थी, ताकि वह अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई दे सके, लेकिन इसी बीच रात को उसके बेटे का मोबाइल बंद हो गया। सोमपाल से उसके बेटे की पक्की दोस्ती है। उसी दिन से सोमपाल भी घर नहीं आया है। सोमपाल का भी अभी तक पता नहीं है। उसकी भी जान को खतरा हो सकता है। मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाकर सोमपाल की तलाश की जा रही है।
शराब माफिया छत्रपाल समेत कई संदिग्ध उठाए
राजू की लाश मिलने के बाद पुलिस ने फिर से तेजी दिखाई शुरू कर दी है। कच्ची शराब के माफिया समेत कई लोगों को उठाकर उनसे मीरगंज थाने में पूछताछ की जा रही है, लेकिन पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
धर्मेंद्र उर्फ महेंद्र, प्रेमपाल और उनके भाई बृजपाल को उठाकर कई दिन से पूछताछ कर रही है। राजू के पिता होमगार्ड महेश चंद्र शर्मा भी कई दिन से पुलिस की निगरानी में थे। सोमवार को राजू के भाई शिवम को भी पुलिस चंदौसी से उठा लाई थी। मंगलवार को राजू की लाश मिलने के बाद पुलिस ने उसके पिता और भाई को छोड़ दिया। कच्ची शराब माफिया छत्रपाल, उनके भाई कुंवरपाल, राजेंद्र कुमार और सोनू भी थाने में हैं। एसएसपी आरके भारद्वाज, एसपी देहात, सीओ मीरगंज ग्रीश कुमार और एसओ सतेंद्र यादव ने संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंचे हैं।
तहसील पर परिजनों का धरना-प्रदर्शन
मीरगंज। एक परिवार की लड़कियों की मौत का खुलासा करने के लिए गांव वालोें ने परिवार के साथ मंगलवार को तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन करने वालों का कहना था कि तीनों लड़कियों की हत्या हुई है। हत्यारों को जल्द से पकड़कर खुलासा किया जाए। सीओ मीरगंज के 24 घंटे में घटना का खुलासा करने के आश्वासन देकर मामला शांत किया। सैंजना गांव की पिकीं, प्रीति और शारदा के पिता बेनीराम, ओमकार और महेश कश्यप के साथ समाजसेवी इंदिरा गुप्ता, छाया गुप्ता के अलावा गांव के ही टीकाराम, तोड़ीराम, जिला पंचायत सदस्य निरंजनलाल यदुवंशी के साथ मंगलवार की सुबह तहसील मीरगंज मुख्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने दोपहर एक बजे तक धरना-प्रदर्शन करके घटना का खुलासा करने की मांग की। लड़कियों के परिवार वालों का कहना था कि पुलिस उनकी बेटियों की आत्महत्या साबित करने में लगी है जबकि उनकी हत्या हुई है। एक साथ तीन बहनें आत्महत्या नहीं कर सकती हैं। पुलिस मामले को आत्महत्या की तरफ मोड़कर मुल्जिमों को फायदा पहुंचाना चाहती है। इसी बीच सीओ मीरगंज ने आंदोलन करने वालों को 24 घंटे में घटना का खुलासा करने का आश्वासन देकर शांत कर दिया।
नेताओं ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया
मीरगंज। सैंजना की तीन लड़कियों की हत्या में संदिग्ध राजू की लाश मिलने के बाद मंगलवार को नेताओं की गांव में आवाजाही तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व विधायक नरेंद्रपाल सिंह, मीरगंज ब्लाक अध्यक्ष केके गंगवार फतेहगंज पश्चिमी ब्लाक अध्यक्ष वीरपाल सिंह, जिला सचिव मुदित प्रताप सिंह आदि गांव पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव राधा सोमवंशी ने चारों की मौत का खुलासा करने की मांग की। साथ ही शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद दिलवाने की मांग की। हर्ष सोमवंशी और कई अन्य सपाई भी उनके साथ रहे। भाजपा नेता सुधीर मौर्य, सोमपाल शर्मा, रजनीश गंगवार आदि ने सैजना पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और घटना की न्यायिक जांच की मांग की।