बरेली। दरगाह से किशोरी को अगवाकर दोस्तों संग सामूहिक दुष्कर्म करने वाले आरोपी से पूछताछ और किशोरी के बयानों के आधार पर दो संदिग्धों को पुलिस ने पकड़ा था। इन्हें पुलिस पीड़िता के सामने लाई तो वह पहचान नहीं सकी। इसके बाद युवकों को छोड़ दिया गया। पुलिस अब अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
कोतवाली क्षेत्र निवासी एक किशोरी 24 मार्च को बारादरी स्थित शाहदाना वली की दरगाह से लापता हो गई थी। परिवारवालों की सूचना पर पुलिस ने किशोरी को बुधवार रात आजमनगर निवासी हासिम के घर से खोज लिया था। किशोरी से तीन दिन बंधक बनाकर रखने और सामूहिक दुष्कर्म की बात परिवारवालों को बताई थी। इसके बाद परिवारवालों ने हासिम और उसके दोस्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि, आरोपी ने मामला प्रेम प्रसंग का बताया और साथियों के शामिल होने की बात से इंकार कर दिया था। वहीं, पीड़िता ने अन्य आरोपियों के सामने आने पर उन्हें पहचान लेने की बात कही थी। शुक्रवार को पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को बहाने से किशोरी के सामने लाकर खड़ा कर दिया। हालांकि, किशोरी उन्हें नहीं पहचान सकी। पुलिस के मुताबिक, प्रेम संबंधों की पोल खुलने के डर से कहानी गढ़ी गई है। पुलिस अब तक घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज भी चेक नहीं कर पाई है।