बरेली। शाम सात बजे गंगापुर का प्रदीप और सिकलापुर का कमलेश जिला अस्पताल में भर्ती हुए। प्रदीप ने बताया कि वह जुलूस में शामिल था और मुर्गे वाली गली के पास हो रहा झगड़ा देख रहा था। कमलेश कारीगरी का काम करके घर लौट रहा था। प्रदीप और कमलेश के मुताबिक उस वक्त उन्हें छर्रे लगने का अहसास ही नहीं हुआ। जब घर पहुंचे तो कुछ चुभन और शरीर पर निशान देखे। कपड़ों में भी छेद थे। तब घरवाले उन्हें अस्पताल ले आए। यहां डॉक्टरों ने बताया कि प्रदीप को करीब 15 और कमलेश को सात छर्रे लगे हैं, मगर खतरे की कोई बात नहीं है।
जिला अस्पताल पहुंचे संतोष, एडीजी के स्टाफ ऑफिसर ने लिए बयान
घटना के बाद एडीजी अविनाश चंद्रा ने अपने स्टाफ ऑफिसर ओपी यादव को स्थिति जानने भेजा। उन्होंने जिला अस्पताल जाकर प्रदीप और कमलेश के बयान लिए। डॉक्टरों से भी बात की। डॉक्टरों ने बताया कि इन्हें छर्रे लगे हुए हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी दोनों घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों से बेहतर इलाज करने को कहा। कोतवाल सदर पंकज वर्मा और अन्य अधिकारियों से घटना के बारे में जानकारी ली। उनसे कहा कि नियमानुसार कार्रवाई करें।
एसएसपी ने लिया जायजा, तीन इंस्पेक्टर तैनात
घटना के वक्त एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, सीओ सिटी कुलदीप कुमार और एसडीएम सदर मौके पर पैरामिलिट्री के साथ मौजूद थे। कई थानों का फोर्स भी था। बाद में एसएसपी मुनिराज जी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने तीन थानों के इंस्पेक्टरों को पुलिस फोर्स के साथ मौके पर कैंप करने का आदेश दिया। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह से यहां पीएसी भी तैनात रहेगी।
वीडियो फुटेज से चिह्नित होंगे बवाली
एसपी सिटी ने बताया कि पीड़ितों की ओर से जो तहरीर देगा, उसके मुताबिक रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के पास जुलूस का वीडियो है। इसे देखकर बवालियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। बवाल के दोषी जेल जाएंगे। भविष्य के लिहाज से निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।