अलीगढ़ पैसेंजर के महिला कोच में हुई लूट की घटना को चोरी की धाराओं में दर्ज कर मामले को दबाए बैठी जीआरपी अब मुश्किल में फंस गई है। अपनी करतूत का खुलासा होने के बाद मंगलवार को जीआरपी ने चार युवकों को हिरासत में लिया लेकिन काफी पूछताछ के बाद भी घटना का कोई सुराग नहीं लग सका।
अलीगढ़ पैसेंजर में 23 अक्तूबर को लूटपाट की घटना हुई थी। पहले तो इस घटना को चोरी की धाराओं में दर्ज करके जीआरपी खामोश बैठी रही। अपने अधिकारियों को भी सही जानकारी नहीं दी, लेकिन जब सोमवार को किच्छा के बलवीर सिंह और उनकी पत्नी नीलम ने थाने पहुंचकर अपने जेवरों की बरामदगी के संबंध में पूछताछ की तो लूटपाट का मामला सार्वजनिक हो गया। इसके बाद मंगलवार को जीआरपी ने चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, हालांकि उनसे कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने इसके बाद रामगंगा और आसपास के स्टेशनों पर मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया है। एसओ जीआरपी अनूप शर्मा का कहना है कि जल्द ही ट्रेन में लूटपाट के आरोपी पकड़े जाएंगे। बता दें कि 23 अक्तूबर को किच्छा (उत्तराखंड) के बलवीर पत्नी नीलम के साथ अलीगढ़ पैसेंजर से बरेली आ रहे थे। रात एक बजे रामगंगा स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो तीन लुटेरे महिला कोच में घुस गए और तमंचा दिखाकर महिलाओं से लूटपाट की। ट्रेन जंक्शन पहुंची तो बलवीर और भोजीपुरा की शन्नो थाने पहुंची तो पुलिस ने घटना को चोरी में दर्ज कर लिया।