पुलिस की जांच में सामने आया कि तेजाब गिरने से प्लास्टिक की निवाड़ से बुनी गई चारपाई भी काली पड़ गई थी। चारपाई पर बिछी दरी और गद्दा जगह-जगह से झुलस चुका था। लड़की की चारपाई से चंद कदम की दूरी पर ईंटें रखकर बनाए गए शौचालय के पास जमीन पर भी तेजाब पड़ा मिला है। तेजाब से घास-कचरा भी जल गया है। शौचालय को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि किशोरी पर हमले से पहले इस शौचालय के पास आरोपी छिपा हो सकता है। उसी के गिलास से छलक गिरे तेजाब से घास झुलसी होगी।
चेहरा बिगाड़ने की मिली थी धमकी
किशोरी ने अस्पताल में बताया कि धर्मेंद्र ने उसके घोड़े को एक दिन पहले डंडे से पीट दिया था। जिसके बाद दोनों परिवारोें के बीच झगड़ा हुआ था। आरोप है कि धर्मेंद्र ने खुलेआम धमकी दी थी कि वह किशोरी का चेहरा खराब कर देगा। एसपी देहात ने बताया कि यह बयान पीड़िता के अतिरिक्त उसके परिवार ने भी दिया है। अब पुलिस धर्मेंद्र और उसकी मां से पूछताछ कर रही है।
दूर का होता हमलावर तो बंद बोतल में लाता तेजाब
गिलास में तेजाब लाना इंगित करता है कि हमलावर नजदीक का है। दूर से तेजाब लाने वाला बंद बोतल का इस्तेमाल करता। यहां नफरत नजर आती है क्योंकि हमलावर ने सिर्फ चेहरे पर तेजाब उड़ेला था, बाकी शरीर उसकी चपेट में आया है।
कॉल डिटेल से मिलेंगे अहम सुराग
पुलिस मामले की जांच को प्रेम प्रसंग से जोड़कर भी देख रही है। यही वजह है कि दोनों बहनों, धर्मेंद्र सहित पांच लोगों की कॉल डिटेल को जांचा जा रहा है। कॉल डिटेल के नंबरों और बात करने की अवधि से पुलिस को केस में नया सुराग हाथ लग सकता है। सर्विलांस टीम भी वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंची थी।
बड़ी बहन के पति से भी पूछताछ होगी
किशोरी की बड़ी बहन की शादी मढ़ीनाथ में हुई है। बताते हैं कि उसकी शादी भी टूटने की कगार पर है। वह सालभर से मायके में ही रह रही थी। पुलिस बड़ी बहन से भी पूछताछ की। उसके पति से भी पूछताछ की जाएगी।
डॉग स्क्वाड से मदद नहीं
डॉग स्क्वाड चारपाई के इर्द गिर्द घूमने के बाद घर से बाहर आया, करीब 20 कदम आगे जाने के बाद वह वापस लौट आया। दरअसल घटना के बाद गांव के दर्जनों लोग पहुंचे थे। इसलिए डॉग स्क्वाड से मदद नहीं मिली।
प्लास्टिक सर्जन करेगा जांच
डॉ. एमपी सिंह, सर्जन, जिला अस्पताल ने बताया कि पूरे शरीर का नौ फीसदी हिस्सा चेहरे को मानते हैं। चेहरा किशोरी का जल गया है। छाती का भी बहुत कम हिस्सा तेजाब की चपेट में आया है। करीब 15 फीसदी नुकसान शरीर को पहुंचा है। तेजाब काफी अंदर तक जलाती है इसलिए कुछ कह पाना मुश्किल है। जब किशोरी की स्थिति थोड़ी सुधर जाए तो आगे प्लास्टिक सर्जन के पास भेजना पड़ेगा।
खुलेआम बिक रहा तेजाब, कसेगा शिकंजा
शासन के प्रतिबंध को दरकिनार कर दुकानदार मीरगंज सर्किल के सभी कस्बों में प्लास्टिक की बोतल, केनों में तेजाब धड़ल्ले से बेचा जा रहा हैं। सभी बड़े जनरल स्टोर्स, किराना दुकानों, सेनिटरी दुकानों पर शौचालयों की सफाई के नाम पर तेजाब की बोतल 10 से 20 रुपये में आसानी से मिल रही हैं। एसएसपी ने ऐसी दुकानों पर भी शिकंजा कसने के लिए कहा है।