बरेली। आत्महत्या को उकसाने के आरोपी फौजी की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। यह आदेश जिला जज अजय त्यागी ने किया।
घटना की रिपोर्ट मृतका के पिता रमेश चंद्र ने थाना बारादरी में लिखाई। रिपोर्ट में कहा कि उसकी बेटी कविता गंगवार जोगी नवादा में मुनीषा यादव के मकान में किराए पर रहकर एसएससी की कोचिंग ले रही थी। 18 अप्रैल 2018 को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर टिफिन लेकर अपनी स्कूटी से कोचिंग, मकान के किराए और कुछ उधार के पैसे निपटाने के लिए पचास हजार रुपये अपने भाई धर्मेंद्र से लेकर घर आई। कविता को किराए के मकान से अभियुक्त प्रवेश जो भारतीय सेना में जवान के पद पर तैनात है, अपने साथ ले गया। मालिक मकान मुनीषा यादव ने उसको साथ ले जाते हुए भी देखा। दिन के तीन बजे वादी को मेडिसिटी अस्पताल से बताया गया कि उसकी लड़की कविता को किसी ने जहर दे दिया है, जिससे उसकी मौत हो गई। रिपोर्ट में वादी ने कहा कि प्रवेश का कविता से मेलजोल था और वह प्रवेश से शादी करना चाहती थी। प्रवेश ने षडयंत्र रचकर रास्ते से हटाने के लिए कविता को जहर देकर मार दिया। अभियोजन की ओर से जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया गया तो अदालत ने अभियुक्त प्रवेश उर्फ प्रेम शंकर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।