नवाबगंज। पिता की उम्र के अधेड़ के साथ विवाह कराने के मामले में शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग ने महिला जागृति मंच की टीम के साथ गांव पहुंचकर ग्रामीणों और किशोरी के बयान दर्ज किए थे। टीम ने किशोरी का आयु प्रमाण दिखाने को कहा तो बहाना बनाकर मना कर दिया। इसके चलते शनिवार को किशोरी का मेडिकल कराने के निर्देश दिए थे। मगर, शनिवार को न तो वह आशा ज्योति केंद्र पहुंची और न ही मेडिकल कराया है। अब सोमवार को उसका मेडिकल कराने के निर्देश दिए गए हैं।
थाना क्षेत्र नवाबगंज के एक गांव की किशोरी दूसरे समुदाय के युवक के साथ प्रेम प्रसंग के चलते घर से फरार हो गई थी। चार दिन बाद परिजन उसे तलाशकर घर ले आए। मगर, गांव में हुई पंचायत ने प्रेमी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना डाला और किशोरी की शादी गांव के ही एक अधेड़ से करा दी। प्रेमी से मिले 50 हजार रुपये से किशोरी के गहने बनवा दिए गए। अधेड़ से शादी कराने का प्रस्ताव पूर्व प्रधान ने रखा था। मामला अमर उजाला में प्रमुखता से छपने पर शुक्रवार को महिला जागृति मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज और महिला हेल्प लाइन की सविता ने टीम के साथ गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। उन्होंने किशोरी और अधेड़ के जन्म प्रमाण पत्र मांगे तो उपलब्ध नहीं हो सके। इस पर टीम ने किशोरी के परिजन को शनिवार को आशा ज्योति केंद्र पहुंचकर मेडिकल कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन वे नहीं पहुंचे। टीम ने फोन कर जानकारी लेने का प्रयास किया तो बात नहीं हो सकी। अब ग्राम प्रधान को सोमवार को किशोरी का मेडिकल कराने की जिम्मेदारी दी गई है। महिला जागृति मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मनु नीरज और महिला कल्याण विभाग की सविता ने बताया कि सोमवार को किशोरी मेडिकल कराने नहीं पहुंचेगी तो उसे नाबालिग मानकर पंचों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो