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जंक्शन पर 77 साल का पकड़ा गया जेबकतरा

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 जंक्शन पर शनिवार को जीआरपी ने एक ऐसे जेबकतरे को पकड़ा, जिसके देखकर तो पहले उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। 77 वर्षीय जेबकतरा देखने में बेहद शालीन था। उसका पहनवा भी ऐसा था कि कोई भी चक्कर में पड़ जाए। हाथ में छड़ी और सैंडल पहने जेबकतरे को जिसने भी देखा उसने सहानुभूति ही जताई। वहीं जीआरपी ने उसके एक साथी को भी जीआरपी ने दबोचा। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
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शाहजहांपुर के अनुरुद्ध कमार सिंह पुत्र बहादुर सिंह शनिवार को ट्रेन की जानकारी के लिए इंक्वायरी की लाइन में खड़े हुए थे। इस बीच उनका पर्स चोरी हो गया। दो मिनट के बाद अनुरुद्ध लाइन से हटे और टिकट विंडों जाने लगे। वहां पहुंचने पर उन्होंने जेब में हाथ डाला तो पर्स नहीं है। पर्स में तीन हजार रुपये और जरूरी डाक्युमेंट थे। वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जीआरपी थाने पहुंचे। कार्यवाहक इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह सिरोही ने पूछताछ के बाद के इंक्वायरी के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो देखा कि एक 77 साल के वृद्ध ने साथी की मदद से पर्स चोरी कर लिया। थोड़ी देर बाद पुलिस ने दोनों को जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर सिरोही ने बताया कि पकड़ा गया वृद्ध मुरादाबाद के नागफनी के मोहन लाल पुत्र मुन्ना लाल है और दूसरा अलीम पुत्र सईद किला के गढ़ी क्षेत्र का रहने वाला है। इसके पास से दो हजार रुपये, आधार कार्ड बरामद हुआ है। रिपोर्ट दर्ज करके दोनों को जेल भेज दिया गया।

खाली अटैची लेकर चढ़ता और भरी लेकर उतरता था
मुन्ना लाल रेलवे का शातिर अपराधियों में शुमार है। 2010 में भी वह एसी कोच से अटैची लेकर उतरा तो यात्रियों ने पकड़कर जीआरपी के हवाले किया था। जीआरपी जंक्शन के तत्कालीन इंस्पेक्टर अयूब हसन ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था लेकिन बिना कार्रवाई के छोड़ दिया था। इससे पहले भी रामपुर स्टेशन से खाली अटैची लेकर चढ़ता और मौका पाकर किसी यात्री से बदलकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था। मुन्ना लाल के शिकार वह यात्री होते थे जो ट्रेन में चढ़ते समय सामान इधर-उधर रखते थे।
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