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बेहोश मिले एक बर्तन व्यापारी की मौत, ढाई लाख रुपये गायब

Tue, 22 May 2018 12:58 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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 हरदोई से व्यापार के सिलसिले में मुरादाबाद गए दो बर्तन व्यापारी बिशारतगंज इलाके में राजपुर कलां-सिरौली मार्ग पर बेहोश पड़े मिले। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार सुबह एक बर्तन व्यापारी की मौत हो गई। दूसरे को उसके परिवार वाले हरदोई ले गए। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक व्यापारी के परिवार ने आरोप लगाया कि दोनों के पास करीब ढाई लाख रुपये थे, जिन्हें बदमाशों ने लूट लिया है। छोटे मामलों में तेजी दिखाने वाली पुलिस ढाई लाख की लूट के बाद व्यापारियों को सड़क पर फेंक देने और उनमें से एक की मौत होने के सनसनीखेज मामले में दो दिन तक अनजान बनी रही। सोमवार दोपहर तक एसएसपी, एसपी (देहात) सहित पुलिस अधिकारियों को वारदात के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जिला अस्पताल से आए मेमो पर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम तो करा दिया, लेकिन कोई तफ्तीश नहीं की।
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हरदोई के मल्लावा निवासी वर्तन व्यापारी इस्लाम (50) अपने रिश्तेदार शमशाद के साथ बुधवार को घर से मुरादाबाद के लिए निकले थे। शमशाद भी बर्तन व्यापारी हैं। शमशाद के भाई लियाकत ने बताया कि मुरादाबाद में बर्तन के आर्डर देने के बाद दोनों को गुरुवार को घर लौटना था। दोनों घर से तीस हजार रुपये लेकर गए थे। दो जगह से उन्होंने ढाई लाख रुपये का भुगतान भी उठाया था। दोनों के मोबाइल गुरुवार रात से ही स्विच ऑफ हो गए थे। लियाकत के पास रविवार तड़के एक फोन आया कि एक व्यक्ति राजपुर कलां-सिरौली मार्ग पर पड़ा है, उसकी जेब में यह मोबाइल नंबर मिला है। लियाकत पहुंचे तो इस्लाम झाड़ियों में बेहोश पड़े मिले। लियाकत के मुताबिक, जिला अस्पताल में उन्हें शमशाद पहले से भर्ती मिले। उन्हें यूपी-100 पुलिस ने एक दिन पहले ही भर्ती कराया था।

दो किमी के फासले पर फेंके गए थे दोनों
घरवालों के मुताबिक शनिवार की रात लूटपाट के बाद दोनों को राजपुर कलां-सिरौली मार्ग पर दो किमी के फासले पर फेंका गया था। सोमवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान इस्लाम की मौत हो गई। शमशाद को उनके परिवार वाले हरदोई लेकर चले गए।
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कोतवाली पुलिस ने गंभीरता से नहीं ली घटना
कोतवाली पुलिस के मुताबिक जिला अस्पताल से मेमो आने के बाद इस्लाम का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर के लक्षण आए हैं। आशंका है कि कोई नशीला पदार्थ उन्हें खिलाया गया था। कोतवाली के दरोगा ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम तो कराया, लेकिन मामले की जांच नहीं की।

पुलिस टरका देती है जहरखुरानी की वारदात
जहरखुरानी के मामलों में पुलिस खूब खेल करती है। पहले सीमा विवाद में मामला उलझाया जाता है, फिर पीड़ित को जिला अस्पताल भेज दिया जाता है। अगर मौत हो जाए तो कोतवाली पुलिस पोस्टमार्टम तो कराती है, लेकिन न तो रिपोर्ट दर्ज करती है और न ही कोई जांच की जाती है। यही वजह है कि जहरखुरानों का गिरोह पकड़ा नहीं जाता।

बर्तन व्यापारियों के बारे में अलीगंज और बिशारतगंज थाना पुलिस से पूछताछ की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सही समय पर बदमाशों की जानकारी मिलती तो कार्रवाई की जा सकती थी। मैं देखता हूं कि लूट के बाद मौत होने पर भी थाने पर जानकारी कैसे नहीं थी। - सतीश कुमार, एसपी देहात
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