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दबंग थी ऊषा, मुकाबला न कर सके तो हत्या कर दी

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आंवला। संविदा सफाईकर्मी ऊषा की हत्या हमलावरों ने बड़े सुनियोजित तरीके से की। पति से लेकर बेटों तक से विवाद करने वाले हत्यारे दबंग ऊषा के सामने आने पर पीछे हट जाते थे। मूंछ की लड़ाई में परिवार को झुकाने के लिए उन्होंने ऊषा को रास्ते से हटाना ही बेहतर समझा।
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एक माह पूर्व विवाह समारोह में हुए विवाद का अंत ऊषा देवी की मौत से हुआ। बेटे शिवम ने बताया कि एक महीने पहले इन्हीं आरोपियों ने मोहल्ला छोटी बाजार निवासी लालाराम के घर शादी में दावत देकर उसके पिता छोटेलाल को बुलाया था। वहां आरोपियों ने नशे में उसके पिता को मारपीट कर अपमानित किया। इसकी शिकायत पिता ने पुलिस चौकी में की लेकिन समझौता हो गया। मां पालिका में संविदा सफाईकर्मी थीं। सोनू और छोटा भी यही काम करते हैं। दो दिन पहले मां की तबियत ठीक नहीं थी तो उनकी हाजिरी के बारे में बताने भाई दिलीप पालिका चला गया था। तब सोनू और छोटा ने उनके भाई दिलीप को पकड़कर मारपीट कर दी। उसे रामलीला गेट तक पीटा। मां को पता लगा तो वे मौके पर पहुंच गईं। मां के सामने आरोपियों की घिग्घी बंध गई। मां ने पुलिस को तहरीर दी। फिर वाल्मीकि समाज के लोग आ गए और पुलिस कार्रवाई से पहले ही समझौता करा दिया। आरोपी इस बात से और चिड़ गए कि मां ने पुलिस को तहरीर क्यों दी। मां ही उनके परिवार की रीढ़ थी और सभी घरेलू निर्णय लेती थी। मां की वजह से आरोपी परिवार को चाहकर भी नुकसान नहीं पहुंचा पा रहे थे तो हत्या कर दी।

फायरिंग से बाजार में मचा हड़कंप
- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाजार खुलने के समय फायरिंग की आवाज सुनकर स्टेट बैंक के पास हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक दो फायर हुए। आसपास रहने वाले लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए तो दुकानों के शटर भी धड़ाधड़ गिरा दिए गए। लोग इधर-उधर भागने लगे। सड़क पर खून से लथपथ ऊषा देवी तड़प रही थीं। पुलिस आने के बाद अफरातफरी कम हुई और शव उठाया जा सका। बाद में घटना के बारे में लोग हुजूम लगाकर चर्चा करते रहे।
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मां से पहले भाई पर किया था हमला
-रिपोर्ट कराने वाले प्रदीप ने बताया कि घटना से पहले दिलीप मां के आगे इधर से ही निकला। तब इन्हीं आरोपियों ने दिलीप पर भी फायर किया। हालांकि वो बचकर भाग निकला। थोड़ी देर में ही मां इधर आ गईं और इन लोगों ने उसे घेरकर गोली मार दी। हालांकि प्रदीप ने रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं कराया।

रीढ़ की हड्डी चीर निकली गोली
-पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर के अंदर गोली नहीं मिली। पीतल की बुलेट रीढ़ की हड्डी चीरकर पार निकल गई थी। ज्यादा खून बहने से मौत होने की पुष्टि हुई।

एसएसपी से भी भिड़ गई थी ऊषा
- ऊषा दबंग महिला थी। डेढ़ साल पहले तत्कालीन एसएसपी जोगेंद्र सिंह से आंवला तहसील दिवस में उसकी तकरार हो गई। कार्रवाई न होने की नाराजगी जताते हुए ऊषा ने उनके हाथ से शिकायत छीन ली। घटनाक्रम से हतप्रभ एसएसपी ने ऊषा को जेल भिजवा दिया। कुछ दिन बाद उसकी जमानत हुई। एकाध और मामलों में उसे जेल भेजा गया। दूसरे सफाईकर्मियों की तरह वो शोषण बर्दाश्त नहीं कर पाती थी और मुखर हो जाती थी। यूनियन में भी उसकी छवि नेता जैसी थी।
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