बरेली। धर्मशाला में विवाह समारोह में घुसकर पथराव, फायरिंग की सनसनीखेज घटना के बावजूद कोतवाली पुलिस ने अपनी बला टालने के लिए मामले में समझौता करा दिया। माहौल खराब करने की कोशिश के बावजूद पुलिस ने आरोपियों का शांतिभंग में चालान करने की जहमत भी नहीं उठाई। पुलिस ने दोनों पक्षों से समझौतानामा लेकर आरोपियों को छोड़ दिया।
कोतवाली क्षेत्र में बिहारीपुर स्थित खत्री धर्मशाला में रविवार को वाराणसी से बरात आई थी। रात में बिजली कटने के बाद संकरी गली में जनरेटर चलाते वक्त दूसरे समुदाय के एक युवक से कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। इसके बाद युवक अपने मामा को लेकर समझौता करने खत्री धर्मशाला पहुंचा था। युवक के पीछे उसके समुदाय के कुछ अराजकतत्व इकट्ठे होकर माहौल खराब करने धर्मशाला पहुंच गए थे। आरोपियों ने धर्मशाला में घुसकर तीन हवाई फायर और वहां पथराव भी किया। खुराफातियों ने बरातियों के साथ अभद्रता भी की थी। एक बराती मनमोहन गंभीर घायल हो गए। मौके पर फोर्स लेकर पहुंचे सीओ प्रथम कुलदीप कुमार आरोपियों समेत दोनों पक्षों को कोतवाली ले आए थे। यहां रात दो बजे तक हंगामा होता रहा। हैरत की बात यह थी कि शुरू में झगड़ा करने वाले लोग यहां न होकर दोनों पक्षों के हिमायती ही भिड़ रहे थे। बाद में सेटिंग से दोनों पक्षों का समझौता करा दिया गया। कोतवाली में बैठाए गए तीनों लोग छोड़ दिए गए। कोतवाल पंकज वर्मा का कहना था कि देर रात तक किसी भी पक्ष की तरफ से कोई तहरीर नहीं दी गई। लोगों ने खुद ही समझौता कर लिया तो पुलिस क्या कर सकती थी।