पुलिस की कड़ी निगरानी के बावजूद लुटेरों ने डीडीपुरम में फिर वारदात कर दी। पुलिस सादा कपड़ों में सेलेक्शन प्वाइंट चौराहे पर तैनात थी, उधर दूसरे छोर पर बदमाश टीचर का बैग ले उड़े। इस बार बदमाशों ने डीडीपुरम पेट्रोल पंप के पास से चलती स्कूटी से शिक्षिका का बैग लूट लिया। शिक्षिका चीखती रही, लेकिन मदद के लिए आगे नहीं आया। शिक्षिका ने थाना प्रेमनगर में तहरीर दी है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की फोटो हासिल हो गई है। दो दिन पहले डीडीपुरम में ही लूट का शिकार हुईं टीचर प्रीति शर्मा ने दोनों बदमाशों को पहचान लिया है। बताया, इन्हीं बदमाशों ने उनका भी बैग लूटा था।
इंदिरानगर की संगीता शर्मा हैरो स्कूल में टीचर हैं। शनिवार सुबह वह स्कूटी से स्कूल जा रही थीं। डीडीपुरम पेट्रोल पंप के पास नकाबपोश बाइक सवार दो बदमाशों ने स्कूटी के नजदीक पहुंचकर संगीता का बैग छीन लिया और भाग गए। संगीता कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही बदमाश आंखों से ओझल हो गए। उन्होंने यूपी-100 पर कॉल की लेकिन रिसीव नहीं हुई। शोर मचाया पर कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। इसके बाद संगीता स्कूल पहुंची और अन्य टीचर्स को घटना की जानकारी दी। इसके बाद सभी टीचर संगीता को लेकर आवास विकास पुलिस चौकी पहुंचीं। वहां किसी के न मिलने पर वे केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के आवास पर गईं तो वहां तैनात पुलिस पिकेट ने उन्हें थाना प्रेमनगर भेज दिया। पुलिस ने पेट्रोल पंप पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज देखी तो टीचर प्रीति शर्मा ने बदमाशों को पहचान लिया। कहा, दो दिन पहले इन्हीं बदमाशों ने उनका बैग लूटा था। संगीता ने थाना प्रेमनगर में तहरीर दी है। प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से बाइक का नंबर मिल गया है। जल्द ही बदमाश पकड़े जाएंगे।
एक सप्ताह में लूट की तीन घटनाएं, लोग दहशत में
मंगलवार को कीर्ति नगर की प्रीति अग्रवाल सुबह 8:30 बजे टीबरीनाथ मंदिर आ रही थीं। वह भी स्कूटी पर थीं। उन्होंने घर के बाहर स्कूटी निकालकर खड़ी कर दी और पूजा के लिए फूल तोड़ने लगीं। इस बीच बाइक पर आए दो बदमाश उनका बैग छीनकर भाग गए। उन्होेंने शोर भी मचाया लेकिन कोई मदद को नहीं आया। बुधवार को हैरो स्कूल की टीचर प्रीति भारती और शनिवार को टीचर संगीता का बदमाशों ने बैग छीन लिया। डीडीपुरम में बदमाशों का अड्डा बनने के बाद सादा कपड़ों में पुलिस तैनात की गई। चौराहों पर पुलिस पिकेट भी बढ़ा दी गई लेकिन वारदातों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।