दोस्तों के साथ कार से अपने बदायूं स्थित पेट्रोल पंप पर जा रहे युवक की कार के पलटकर तालाब में जा गिरने से मौत हो गई, जबकि उसके चार दोस्त घायल हो गए। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। घरवालों के पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के सिद्धार्थनगर निवासी ओमप्रकाश देव का बदायूं-इस्लामनगर रोड पर नरैनी चौराहे पर पेट्रोल पंप है। बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे ओमप्रकाश का 22 वर्षीय बेटा आशीष अपने दोस्तों संदीप, सत्येंद्र, कमल और अमन के साथ वैगन-आर कार से पेट्रोल पंप पर जाने के लिए निकला। महेशपुरा रेलवे क्रासिंग के पास कार अनियंत्रित होकर पलट गई और तालाब में जा गिरी। कार में बैठे आशीष के दोस्त तो किसी तरह कार से निकल गए लेकिन पानी में आधी डूबी कार में आशीष के पैर स्टेयरिंग में फंस गए, इससे वह नहीं निकल सके। आशीष जब बाहर नहीं निकले तो संदीप उन्हें निकालने के लिए तालाब में घुसा लेकिन पानी अधिक होने के कारण वह डूबने लगा तो बाकी दोस्तों ने उसे बाहर निकाला। सूचना मिलने पर सुभाषनगर इंस्पेक्टर जेएन पांडेय मौके पर पहुंचे। उन्होंने गोताखारों की मदद से आशीष को बाहर निकलवाया और जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता बोले- बहुत मना किया था, मत जाओ.. काश! मान ली होती बात
बरेली। ओमप्रकाश देव ने आशीष को पंप पर जाने से मना किया था। इसके बाद भी वह कार लेकर घर से निकल गया। आशीष जब करगैना के पास पहुंचा तब भी ओमप्रकाश ने उसे फोन किया और लौट आने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। कुछ दूर आगे जाकर ही महेशपुरा रेलवे क्रासिंग के पास उसकी कार तालाब में जा गिरी। इकलौते बेटे आशीष से माता-पिता की बहुत सारी उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन वह 22 साल की अल्पायु में ही उन्हें रोता-बिलखता छोड़ जाएगा, यह तो उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। बेटे की मौत की खबर पाकर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे ओमप्रकाश उसका शव देखकर बेहोश हो गए। उनको इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। बाद में परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए। आशीष ने इसी साल जीटीआई में मेकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रेड में एडमीशन लिया था। संदीप, अमन, सत्येंद्र और कमल उसके कुछ समय पहले ही दोस्त बने थे।