फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में आग

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो...
विज्ञापन


संक्रामक रोग विभाग में खुले स्थान पर रखी तीन अलमारी में यकायक लग गई आग

जिला अस्पताल में हजारों
सैंपल आग में राख
- बरसों का रिकार्ड देखते-देखते खाक हो गया, स्टाफ बोला- सैकड़ों मामलों के सबूत थे

अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
सोमवार दोपहर करीब तीन बजे जिला अस्पताल में सीएमओ ऑफिस के पीछे और संक्रामक रोग विभाग के सामने खुले स्थान में रखी अलमारियों में अचानक आग लग गई। जब तक आग पर काबू पाया गया, अलमारियों में रखे दवाओं के हजारों सील मुहर सैंपल और रिकॉर्ड जलकर खाक हो चुके थे। अस्पताल में चर्चा है कि ये सैंपल हजारों मामलों के बतौर सबूत यहां रखे हुए थे।
संक्रामक रोग विभाग के सामने कुछ खाली जगह है, जिसमें सीएमओ ऑफिस की तीन अलमारियां और कुछ कबाड़ रखा था। दोपहर लगभग तीन बजे कर्मचारियों ने वहां से धुआं उठते देखा तो हड़कंप मच गया। टंकी से पाइप लगाकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच गई और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। करीब आधा घंटा की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इसके बाद देखा गया तो उन अलमारियों में रखे हजारों सीलबंद सैंपल और दस्तावेज जलकर खाक हो चुके थे। आग पर तो काबू पा लिया गया, मगर इसके साथ ही वहां चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कर्मचारियों में चर्चा थी कि वित्तीय वर्ष खत्म हो गया है। हिसाब-किताब पर कोई सवाल हो, उससे पहले ही रिकॉर्ड को आग में स्वाह कर दिया गया।
विज्ञापन


आग बुझाने को तोड़ना पड़ा ताला
आग की सूचना पर जब फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची तो जिला अस्पताल का सीएमओ ऑफिस वाला गेट हमेशा की तरह बंद था। आग लगने पर उसकी चाभी ढूंढी गई लेकिन वह नहीं मिली तो पास ही काम कर रहे मजदूरों से छेनी-हथौड़ी लेकर ताले को काटा गया, तब आग बुझाने का काम शुरू हो सका।

हजारों के मामलों के थे सैंपल
जलने वाले सैंपल की संख्या हजारों में रही होगी। कुछ कर्मचारियों का कहना था कि यह सैंपल जगह-जगह से ली गई विभिन्न दवाओं के थे तो कुछ लोगों ने संक्रामक बीमारियों के सैंपल बताए। मगर कोई भी अधिकारी कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सका।

सिरा न सुराग.. कैसे लगी आग
जिस जगह अलमारियां रखीं थीं, वह ओपन स्पेस है। न तो वहां बिजली की वायरिंग ही है और न बाहरी लोगों का आना-जाना रहता है। इसके बावजूद वहां आग लगने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जांच की जा रही है कि आग, आखिर लगी कैसे? वहीं मौके पर कुछ लोगों का कहना था कि यह सुनियोजित साजिश है।
विज्ञापन


वर्जन
अलमारियों में कोई सैंपल नहीं रखा गया था। वहां सिर्फ टूटी हुई कुर्सियां एवं कबाड़ था। आग से वह जल गया है। कोई भी महत्वपूर्ण दस्तावेज या अन्य चीज नहीं जली है।
- डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें