लखनऊ में विवेक तिवारी हत्याकांड और गुरुग्राम में गनर के जज की पत्नी-बेटी को गोली मारने के मामले के बाद अफसर सिपाहियों पर कार्रवाई से बच रहे हैं। छुट्टी न बढ़ाने पर थाने के व्हाट्सएप ग्रुप में दो-चार को गोली मारकर खुद मर जाने का मेसेज भेजने वाले सिरौली थाने के सिपाही नीरज कुमार को बुधवार को बुलाकर एसएसपी मुनिराज जी. ने उसके मन की बात सुनी। पूरी बात समझने के बाद एसएसपी ने सिपाही को उसकी मर्जी के अनुसार लाइन में भेज दिया। उन्होंने थाने में तैनाती के लिए सिपाही से तीन थानों के नाम बताने को कहा है।
औरैया निवासी सिपाही नीरज कुमार थाना सिरौली में तैनात है। आठ अक्तूबर को उसने एसओ रामअवतार यादव से पांच दिन की छुट्टी मांगी थी लेकिन उन्होंने उसे सिर्फ तीन दिन की छुट्टी दी। तीन दिन की छुट्टी बीतने पर नीरज ने एसओ को फोन करके दो दिन की छुट्टी बढ़ाने को कहा तो उन्होंने खरीखोटी सुना दी और रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दे दी। इस पर नीरज ने थाने के व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा- मन करता है कि दो-चार को गोली मार दूं और खुद भी मर जाऊं। इसके बाद नीरज दो दिन गैरहाजिर हो गया तो एसओ ने उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी। यह मामला चर्चा में आया तो मंगलवार को एसएसपी ने एसओ को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद बुधवार को सिपाही नीरज को बुलाकर पूरी बात सुनी। एसओ से विवाद को लेकर नीरज ने किसी और थाने में तैनाती चाही तो उन्होंने तीन थानों के नाम बताने को कहकर लाइन में आमद कराने के निर्देश दे दिए। साथ ही उन्होंने एसपी देहात डॉ. सतीश कुमार को मामले की जांच के निर्देश भी दिए हैं।