बरेली। स्मैक और चरस की तस्करी के लिए कुख्यात मैकिया की मौत के बाद उसकी समधन और बहू ने नशे का धंधा संभाल लिया। पुलिस की साठगांठ से फड़ लगाकर सरेआम धंधा शुरू हो गया। इसकी सूचना आईजी डीके ठाकुर को मिली तो उनके निर्देश पर देर रात एएसपी अशोक मीणा ने गंगापुर में छापेमारी की। मौके से ढाई लाख से अधिक रुपये, आधा किलो चरस और 425 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। इस दौरान मैकिया की समधन को पुलिस ने पकड़ लिया जबकि उसकी बहू और दो अन्य रिश्तेदार फरार हो गए।
कच्ची शराब, चरस, स्मैक और अफीम जैसे नशीले पदार्थों के कारोबार के लिए बदनाम गंगापुर में यह धंधा अभी भी बंद नहीं हुआ है। यहां की महिला तस्कर मैकिया इस कारोबार के लिए यूपी ही नहीं उत्तराखंड तक कुख्यात थी। करीब छह महीने पहले पुलिस दबिश के दौरान ही मैकिया की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मान लिया कि यह धंधा खत्म हो जाएगा। मगर, इसकी बागडोर मैकिया की समधन कुंता और बहू कल्लो ने संभाल ली। दो अन्य रिश्तेदार विकास और आकाश की मदद से धंधा फिर शुरू हो गया। बारादरी पुलिस इसको लेकर अनजान बनी थी, मगर अफसरों को सूचना मिलने लगी।
थाना पुलिस बनी अनजान, आईजी ने कराई कार्रवाई
मैकिया के रिश्तेदारों द्वारा नशीले कारोबार को लेकर बारादरी पुलिस खामोश थी। इसको लेकर एक मुखबिर ने आईजी को सूचना दी। इसके बाद रविवार रात एएसपी अशोक मीणा ने एसआई राकेश सिंह, गौरव विश्नोई, सोनी खम्पा आदि ने छापा मारा तो वहां भगदड़ मच गई। मैकिया की समधन कुंता तख्त डालकर स्मैक, चरस आदि की बिक्री कर रही थी। कुंता की बेटी और मैकिया की बहू कल्लो एवं दो रिश्तेदार विकास, आकाश बिक्री में मदद कर रहे थे। मगर पुलिस को सिर्फ कुंता को पकड़ने में कामयाबी मिली। जब तलाशी ली गई तो तख्त पर बिछाई गई बोरी के अंदर पुड़िया बनी 425 ग्राम स्मैक, आधा किलो चरस और 2.56 लाख रुपये बरामद हो गए।
स्मैक एवं चरस की तस्करी को लेकर एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से चरस, स्मैक और करीब ढाई लाख रुपये बरामद हुए हैं। फरार चल रहे उसके साथियों की तलाश की जा रही है।
- अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी
एएसपी पहले पकड़ा सट्टा और अब स्मैक, होगी जांच
एएसपी अशोक मीणा इससे पहले गंगापुर में सट्टे के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ कर चुके हैं। इसके बाद अब वहां से नशे का कारोबार पकड़ा गया है। दोनों ही बार यह कार्रवाई एएसपी द्वारा की गई जबकि इसे थाना पुलिस द्वारा किया जाना चाहिए। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि अगर किसी भी क्षेत्र में अधिकारियों द्वारा सट्टा या कोई अन्य अवैध काम पकड़ा जाएगा तो थाना पुलिस के खिलाफ भी जांच होगी। इस मामले में भी बारादरी पुलिस की भूमिका की जांच कराई जाएगी।