बंडा (शाहजहांपुर)। फार्म पर सेंटर के गेहूं की तौल किए जाने और सेंटर पर खरीद में धांधली के अलग अलग मामलों में दो केंद्र प्रभारी, दो हैंडलिंग ठेकेदार सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक स्वामीशरण गंगवार की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि बताया कि निगम के बंडा मंडी में लगे सेंटर पर जांच की गई तो वहां 250 क्विंटल और 80 क्विंटल गेहूं सहित गेहूं की तीन ढेरियां लगी थी। जिसमें दो ढेरियों के किसान मौजूद थे। एक 250 क्विंटल वाली ढेरी के किसान के बारे में जब केंद्र प्रभारी कैलाश कुमार से पूछा गया तो वह सही जवाब नहीं दे सके। काफी देर बाद सेंट प्रभारी ने बताया कि गेहूं खमरिया गांव के एक किसान का है। जिला प्रबंधक ने किसान से संपर्क किया तो किसान ने बताया कि उसने 1750 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं गांव के ही एक व्यक्ति को बेचा है। क्रय केंद्र के अभिलेख चेक किए गए तो 56 किसानों का करीब 44 लाख रुपये से अधिक का भुगतान भी बाकी पाया गया। अनियमितताएं मिलने पर जिला प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने पुलिस ने केंद्र प्रभारी कैलाश कुमार और ठेकेदार सुनील कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उधर एक अन्य मामले में आठ मई को एसडीएम ने गेहूं खरीद में धांधली की जांच के लिए टीम गठित की थी। टीम में विपणन निरीक्षक सौरभ कुमार श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव की टीम ने गांव सहजनिया में हरजीत सिंह के फार्म हाउस पर छापा मारा तो वहां 151 बोरा गेहूं मिला था। जिन पर यूपीएसएस सेंटर लुकमानपुर बहेड़ा की छाप लगी थी। हरजीत सिंह ने बताया कि केंद्र प्रभारी खुटार के गांव मलिका निवासी नरेंद्र सिंह सेंटर ठेकेदार पुवायां के कमलेश कुमार ने 1780 रुपये में गेहूं खरीदा था और बोरे उनके फार्म पर भेज दिए थे। सरकारी रेट 1860 रुपये है।
टीम ने जांच में पाया कि किसान के बयान से साफ है कि कम रेट में गेहूं खरीदकर अवैध रूप से तौल की जा रही थी। भविष्य में और खरीद की जा सकती है। संतोष कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर पुलिस ने हरजीत सिंह, नरेंद्र सिंह और कमलेश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।