बिसौली (बदायूं)। अतरपुरा गांव में जिस रात महिला की हत्या कर उपलों के ढेर में शव जला दिया गया था, उस रात गांव में भजन कीर्तन हो रहा था। पूरे गांव में लाउडस्पीकर लगे थे, जिसकी आवाज दूर-दूर तक जा रही थी। इससे पड़ोसियों तक को महिला की चीखें सुनाई नहीं दी। हत्यारोपी पति ने लाउडस्पीकर का भरपूर फायदा उठाया और सोमवती को ठिकाने लगा दिया।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अतरपुरा में शुक्रवार तड़के हत्या के बाद सोमवती शव उपलों के ढेर में जला दिया गया। उसके बाद हत्यारोपी पति अंगनलाल और उसके परिवार वाले गांव से फरार हो गए। ग्रामीणों की माने तो गुरुवार रात अंगनलाल शराब के नशे में था। उसने परिवार वालों से गाली-गलौज की थी। उस रात पूरा परिवार घर पर था। अंगनलाल के दोनों बच्चे भी घर पर थे। गांव के अधिकतर लोग मंदिर पर चल रहे कार्यक्रम में थे। उस रात मंदिर पर मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में भजन कीर्तन चल रहा था। गांव के चारों ओर लाउडस्पीकर लगे थे, जिसकी आवाज काफी दूर तक सुनाई दे रही थी। शुरुआत में लोगों ने गाली गालौज करते देखा था। बाद में मोहल्ले के लोग भी अपने अपने कार्य में लग गए। उसके बाद क्या हुआ किसी को पता नहीं। लोग इतना जरूर बता रहे हैं कि अगर लाउडस्पीकर नहीं होता तो रात ही इसके बारे में जानकारी हो जाती। अगर सुबह लोग शौच को नहीं निकले होते तो लाश जलाने का मामला भी पता नहीं चलता। फिर अंगनलाल कोई बहाना बना देता।
फिलहाल पुलिस को अंगनलाल की तलाश है। उसके परिवार वाले भी मिल जाएं तो इसका घटना का पर्दाफाश हो सकता है, तभी पुष्टि होगी कि आखिर अंगनलाल ने पत्नी सोमवती की हत्या क्यों और कैसे की। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। शनिवार देर शाम तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं खोल सकी मृत्यु का राज
बदायूं। हत्या कर जलाई गई सोमवती के बचे खुचे शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों की माने तो महिला का शव इतना जल गया था कि पता करना मुश्किल हो गया कि आखिर उसकी मौत कैसे हुई। शरीर पूरा जल चुका था। कुछ हड्डियां और मांस मिला था। इससे कुछ पता नहीं चल सका।