ये है बरेली की पुलिस --
चौकी के पास उठाकर पीटा.. चोरी में जेल भेजने की धमकी दी
आधी रात को विश्वविद्यालय के बाहर छोड़कर चले गए पुलिस वाले
नौकरीपेशा ने ट्वीट किया तो सीओ तृतीय को सौंपी गई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। क्या यही उत्तर प्रदेश की मित्र पुलिस है? यह सवाल एक नौकरीपेशा व्यक्ति ने बारादरी पुलिस की ज्यादती से मिले दर्द के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और डीजीपी को ट्वीट कर किया है। उसका कहना है कि मित्र पुलिस का तमगा लगाने वाली यूपी पुलिस ने उसे देर रात बेवजह पकड़ लिया। बुरी तरह पीटा। विरोध किया तो चोरी के इल्जाम में जेल बेजने की धमकी दी और फिर आधी रात को रुहेलखंड विश्व विद्यालय के पास छोड़ दिया। एडीजी प्रेमप्रकाश ने इस मामले की सीओ तृतीय नीति द्विवेदी को जांच सौंपी है।
बृहस्पतिवार को अनुज शाक्य के ट्विटर हैंडल से सीएम, यूपी के डीजीपी सहित कई अधिकारियों को मेसेज भेजा गया। इसमें लिखा था कि 19 जून की रात वह नौकरी करके घर लौट रहे थे, तभी रुहेलखंड चौकी के पास उन्हें बारादरी थाना पुलिस ने रोक लिया। गालियां देते हुए पूछताछ करने लगे। इसके बाद गाड़ी में डालकर उन्हें पीटा गया। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो धमकी दी गई कि चोरी के मामले में फंसाकर तीन महीने के लिए जेल में डाल दिया जाएगा। आधी रात में उसे विश्वविद्यालय के बाहर छोड़ दिया गया।