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मोबाइल चोरों पर नेताओं में क्यों इतना शोर

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मोबाइल चोरों पर नेताओं में क्यों इतना शोर

भोजीपुरा में चार मोबाइल चोरों के लिए नेताओं और पुलिस में रस्साकसी
चार मोबाइल चोर पकड़े, दबाव में तीन छोड़ने पड़े

भोजीपुरा। पुलिस ने चार युवकों को पकड़कर नौ मोबाइल बरामद किए, लेकिन नेताओं के दबाव में भोजीपुरा थाने की पुलिस को तीन आरोपियों को छोड़ना पड़ा। अब पुलिस यह कहकर अपना बचाव कर रही है कि एक चोर उनके पास है, जिससे रिकवरी कर ली जाएगी।
गांव खितौसा में 15 दिन पहले शिवतेरस मेले में आई नर्तकी का स्मार्ट फोन किसी ने चुरा लिया। पुलिस ने नर्तकी की तहरीर पर एक युवक को पकड़ा तो तीन संदिग्ध और चोर गिरफ्त में आ गए। चोरी के मोबाइल की खरीदफरोख्त की पुष्टि होने पर पुलिस ने कुछ खरीददारों को भी पकड़ लिया। पुलिस मान रही थी कि बड़ी रिकवरी हो सकती है, लेकिन एसएचओ राजेश यादव को मंगलवार को तीन संदिग्धों को छोड़ना पड़ गया। चर्चा है कि जिला पंचायत सदस्य ममता गंगवार के कहने पर दो युवकों को छोड़ा गया। जब उनसे इस बाबत पूछा तो जवाब मिला कि जिन्हें पुलिस ने पकड़ा उनके पास चोरी का मोबाइल था, वह चोर नहीं थे। उनकी परीक्षा भी थी, इसलिए उन्हें छुड़वाया है। वहीं एक विधायक ने भी एसएचओ पर दबाव बनाकर एक संदिग्ध आरोपी को छुड़वाया है। इस बारे में विधायक से पूछा गया तो उन्होंने पल्ला झाड़ते हुए कहा कि मुझसे क्या मतलब। मुझे नहीं पता कि किन मोबाइल चोरों को पकड़ा गया।
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एसएचओ राजेश यादव ने बताया कि मेेले में जिस घर में नर्तकियां ठहरी थीं, उस घर से एक नर्तकी का कीमती मोबाइल चोरी हो गया था। गांव प्रधान शंकरलाल के सहयोग से मोबाइल चोर का पता चला। तब नर्तकी ने नामजद तहरीर दी। पुलिस ने उस मोबाइल चोर को पकड़ा तो तीन और शातिर मोबाइल चोर पुलिस के हत्थे चढ़ गये। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने नौ मोबाइल बरामद किये थे। नर्तकी वाला मोबाइल तो दे दिया है। उन्होंने बताया कि बाकी आरोपियों को थाने से छोड़ा गया है।
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यह मेरी जानकारी में नहीं है। मैं पता करवाता हूं, किसी आरोपी को पुलिस दबाव में थाने से नहीं छोड़ सकती है। - सतीश कुमार, एसपी देहात
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