शाहदाना वली की मजार के पश्चिमी गेट के पास शुक्रवार रात तीन बजे एक मासूम रोता मिला तो मजार पर रहने वालों ने बारादरी थाना पुलिस को इत्तला दी, लेकिन शनिवार सुबह नौ बजे तक पुलिस नहीं पहुंची। सीओ तृतीय नीति द्विवेदी को फोन करने पर मजार के लोगों को चाइल्ड हेल्प लाइन पर फोन करने को कहा गया। बाद में मजार के लोगों ने मासूम को पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां से दोपहर तीन बजे चाइल्ड लाइन के पदाधिकारियों ने आकर बच्चे को अपनी सुपुर्दगी में लिया।
चौदह दिनों में शाहदाना वली की मजार से बच्चे का अपहरण या अपहृत बच्चे की बरामदगी के तीन मामले सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को एक साल का मासूम मिलने के बाद लोग यही अंदाजा लगाते रहे कि हो सकता है कि फिर कहीं से बच्चे का अपहरण हुआ हो। यही वजह है कि पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कोई आया नहीं। सुबह मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जनपद के सभी थानों को बच्चा मिलने की जानकारी भेजी है। कोशिश चल रही है कि उसके परिवार का पता चले।
सात नातिन हैं, एक नाती भी सही
तिलहर की नत्थो ने बच्चे को नहलाया। उसे दूध पिलाया। थाने में एक कुर्सी पर बैठीं नत्थो ने बताया कि बच्चे को त्वचा रोग है। उसका ठीक से इलाज नहीं कराया गया। वह बच्चे को पालना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि सात नातिन हैं, एक नाती सही। उनकी तरह बच्चे को गोद लेने के लिए और लोग भी पहुंचे, लेकिन पुलिस ने बच्चे को चाइल्ड लाइन वालों को दिया।
23 मार्च को बानखाना के अफरोज की 11 महीने की बच्ची इकरा अपहरण होने के सात घंटे के बाद शाहदाना वली की मजार से बरामद हुई थी। पुलिस छानबीन में सामने आया कि पिता ने ही एक लाख में बेटी का सौदा एक दोस्त के हाथ किया था। पुलिस की तफ्तीश से घबराया दोस्त उसकी बेटी को वापस कर गया था, जिसको अफरोज ने शाहदाना वली की मजार पर छोड़ दिया था।
30 मार्च को शाहदाना वली की मजार से मुन्नी के चार वर्षीय बेटे तौसीफ अगवा हुआ। उसे पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर कैंट के बंगला नंबर 29 से बरामद किया था। बच्चे के अपहरण के आरोप में कैंट की सीमा को पुलिस ने जेल भेजा। सीमा यह बच्चा आगे किसको देने वाली थी यह नहीं पता चला था। सीमा चीज दिलाने के बहाने बच्चे को अपने साथ लेकर गई थी।
दरगाह पर लगातार बच्चों के गायब होने और मिलने का सिलसिला चल रहा है। ऐसे में यहां पुलिस को सुरक्षा देनी चाहिए। किसी भी दिन यहां हादसा हो सकता है। - अब्दुल वाजिद खां, मजार के मुतवल्ली