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एसएसपी को आया फोन, पूर्व मंत्री की ससुराल में हैं चोरी की गाड़ियां

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बरेली।
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एसएसपी जोगेंद्र कुमार को एक अनजान व्यक्ति ने शनिवार दोपहर फोन करके बताया गया कि पूर्व मंत्री शहजिल इस्लाम की नरकुलागंज स्थित ससुराल में चोरी की चार कारें खड़ी हैं। इस सूचना पर एसएसपी ने कोतवाली और थाना प्रेमनगर की पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया। सीओ की अगुवाई में दोनों थानों की टीमें फौरन हरकत में आईं। सूचना देने वाले ने पूर्व मंत्री की ससुराल में चोरी की कारों की संख्या चार बताई थी, जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां कंपाउंड में चार कार खड़ी भी मिलीं, लेकिन इनमें से सिर्फ एक इनोवा के ही कागज फर्जी मिले हैं। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक गाड़ी नफीस की बताई जा रही थी। उसेे थाने बुलाया लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने देर शाम शानू को पकड़ लिया। शानू को शहजिल इस्लाम का रिश्तेदार बताया जा रहा है।

मैं तो दिल्ली में हूं, पता नहीं इनोवा किसकी है
ससुराल से चोरी की गाड़ी बरामद होने के बाद जब पूर्व मंत्री शहजिल इस्लाम से इस बाबत बात की तो उन्होंने बताया कि वह फिलहाल दिल्ली में हैं और वहां से बरेली लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी ससुराल के कंपाउंड में कई लोगों की गाड़ियां खड़ी होती हैं, उन्हें नहीं पता कि चोरी की इनोवा किसकी है। फोन पर ही मालूम हुआ है कि पुलिस ने शानू को पकड़ा है। पुलिस की पूछताछ में पूरी बात सामने आ जाएगी।
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मैनेज करने की हुई कोशिश लेकिन नहीं बनी बात
पूर्व मंत्री की ससुराल से चोरी की गाड़ी जब्त किए जाने के बाद पुलिस को मैनेज करने की भी कोशिश हुईं। शायद मामला रफादफा भी हो जाता लेकिन इसी बीच मीडिया में पुलिस कार्रवाई की खबर लीक हो गई। इसके बाद मीडिया के लोगों ने अफसरों के फोन खटखटाने शुरू कर दिए। कई मीडिया कर्मी मौके पर भी पहुंच गए, इस कारण मामले को दबाया नहीं जा सका। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों के जरिये इनोवा चलाने वाले का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

रामपुर में बनाए गए इनोवा के फर्जी कागज
चोरी की इनोवा में मिले उसके कागज सौरभ माहेश्वरी पुत्र सुशील कुमार निवासी हाउस नंबर 54, पुराना गंज सदर रामपुर के नाम पर मिले। गाड़ी का पंजीकरण 10 जुलाई 2014 को कराया गया था, लेकिन आरटीओ की मुहर 12 अक्तूबर 2016 को लगी थी। यह कागज रामपुर से बनवाए गए हैं।
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चेसिस नंबर से मिलेगा असली मालिक का पता
शानू ने पुलिस को बताया कि उसने यह इनोवा एक महीने पहले खरीदी थी। अब पुलिस गाड़ी के चेसिस नंबर के जरिये कार के असली मालिक तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। शानू के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार करके धोखाधड़ी करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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