हल्द्वानी के ध्यानार्थ
भाभी का फोन आने पर चले जाते हैं पति, कैसे रहूं इनके साथ
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली।
रात में भाभी का फोन आने पर चले जाते हैं पति। आप ही बताइये इनके साथ मैं कैसे रहूं। शादी के बाद तीन महीने ही ससुराल में रह पाई। पति की हरकतों का विरोध करने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। अब पिता के घर ही रह रही हूं। इंसाफ की उम्मीद में आईं हूं, मैडम मुझे इंसाफ दे दो।
शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र में समस्याएं सुन रहीं काउंसलर सुधा त्यागी, महिला थानाध्यक्ष विजय सिरोही के समक्ष किला क्षेत्र के की एक युवती ने सुनाईं। उसने बताया कि तीन मार्च 2016 को उसका विवाह हल्द्वानी (उत्तराखंड) के बनभूलपुरा नई बस्ती निवासी एक युवक से हुआ था। युवती का आरोप है कि शादी के तीन महीने में ही पति की हरकतें देख वह दंग रह गई। आरोप है कि रात में भाभी का फोन आने पर उसका पति भाभी के पास चला जाता है। उसने सब कुछ देखने के बाद भी खामोश रहकर वक्त काटा। फिर विरोध किया तो दहेज में पैसा लाने की बात कहते हुए उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया, तब से वह अपने पिता के घर ही रह रही है। पति और ससुराल वाले फोन पर उसे गालियां देते हैं। काउंसलरों ने युवती और युवक को समझाने की कोशिश की। युवती ने कहा कि वह पति के साथ लिखित रूप से समझौते पर जा सकती है। युवक लिखकर दे कि वह किसी अन्य महिला से बात नहीं करेगा और न ही उसे मारा पीटा जाएगा। अगर ऐसा करे तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस पर काउंसलरों ने युवक को हिदायत दी तो दोनों पक्ष रजामंद हो गए।