तेजाब से बुरी तरह झुलस चुकी किशोरी कि रात जिला अस्पताल के वार्ड में दर्द के साथ कटने के बाद सुबह दहशत भरी थी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पीड़िता के हाल जानने पहुंच रहे थे, लेकिन पीड़िता की घबराई आंख उस हमलावर को तलाश रही थी, जिसने उसका सिर्फ चेहरा नहीं झुलसा दिया था, बल्कि उसकी आत्म को भी झकझोर दिया था। डॉक्टरों के मुताबिक वह बार-बार किसी को आवाज देकर चीख पड़ती है, दर्द उसकी आंखों में साफ झलक रहा था। पीड़िता की बड़ी बहन और परिवार के लोग उसको संभालने की कोशिश करते थे, लेकिन कोई फायदा नहीं होता था। पुलिस के अधिकारी भी सांत्वना देते रहे कि उसके गुनहगार को जल्द पकड़ा जाए, लेकिन लग रहा था कि वह कुछ नहीं सुन रही, बस शून्य में देख रही थी।
मिलनी चाहिए कठोर सजा
डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ से लेकर तीमारदारों के चेहरों पर भी पीड़िता के दर्द का असर देखा जा सकता था। लोगों के बीच चर्चा थी कि पीड़िता को इस हालत में पहुंचाने वाले युवक को बख्शा नहीं जा सका, उसको कठोर सजा मिलनी चाहिए। वहीं डॉक्टर भी पूरे दिन पीड़िता के इलाज में जुटे रहे।