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गला दबाकर मारा था बच्चे को, जेल जाने तक बदलता रहा बयान

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बरेली। नवाबगंज में बीसलपुर के शिक्षक के बेटे की हत्या के आरोपी सुनील को एसपी क्राइम ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता के बाद जेल भेज दिया। आरोपी जेल जाने तक बयान बदलता रहा। पुलिस अभी और आरोपियों की आशंका में पड़ताल कर रही है। व्हाट्सएप कॉल करके फिरौती मांगने वाले शख्स को फिलहाल अलग मानकर तलाश की जा रही है। बच्चे की पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। शव चार से छह दिन पुराना था, मतलब अपहरण के ठीक बाद हत्या की गई। कुकर्म के संकेत नहीं मिले पर आशंका में स्लाइड बनाई गई।
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आरोपी सुनील को लेकर नवाबगंज पुलिस गुरुवार दोपहर बरेली आई। पुलिस लाइन में एसपी क्राइम के सामने उसने पत्रकारों को बताया कि सुमित का रूममेट होने की वजह से शिक्षक के बारे में उसे काफी जानकारी थी। सुमित बच्चे के पिता शिक्षक चंद्रप्रकाश से ट्यूशन पढ़ता था। उसने बच्चे को अगवा कर उसे अपने बीसलपुर निवासी साथी रोहित की मदद से गला दबाकर मार डाला ताकि वो बाद में उनका भेद न खोल दे। वे लोग दस से बीस लाख फिरौती वसूलना चाहते थे। एसपी क्राइम ने बताया कि छानबीन के दौरान सुनील कई लोगों को पकड़वाया पर हर कोई निर्दोष निकलता। पहले नवाबगंज के रोहित नाम के लड़के को पकड़वाया और जब वह बेगुनाह निकला तो बोला कि बीसलपुर निवासी रोहित की बात कर रहा था जो पहले टेलर का काम करता था। बुधवार देर रात क्राइम ब्रांच की टीम ने उस रोहित को भी पकड़ा पर उसकी कॉलडिटेल व अन्य तरह से कोई संपर्क नहीं मिला। यह सही है कि सुनील मुख्य आरोपी है और अपहरण करके वही ले गया था पर घटना में उसके एक या दो और साथी जरूर हैं। ये कौन हैं? हत्या की असली वजह क्या है? ये सारे सवाल अभी कायम हैं। इसलिए विवेचना जारी रखकर पुलिस अभी काम करेगी। जरूरत पर सुनील को रिमांड पर लेकर फिर पूछताछ की जाएगी। बताया कि फिरौती की कॉल करने वाला अलग व्यक्ति है। अभी तक उसका सुनील से कोई लिंक नहीं मिला है, उसे ट्रेस कर लिया है, जल्दी गिरफ्तारी कर लेंगे।

दाल मखानी खाकर बात छुपाई, पिटाई ही काम आई
सुनील इंटर में फेल हो चुका है और बीसलपुर में किराए के मकान में सुमित के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। सेना में नौकरी की भी तैयारी कर रहा था। वो काफी शातिर है। मोबाइल चोरी के मामले में थाने में बंद हो चुका है। तब उसने चोरी का आरोप लगने पर जहर खाने का ड्रामा किया था। बाद में मोबाइल उसी के पास से बरामद हुआ। तीन दिन पुलिसवाले अपनी मेस में बनने वाली दाल मखानी, सब्जियां, फल, चाय और नाश्ता उसे करा रहे थे। अधिकारियों को ये पता था कि बच्चे का अपहरण इसी ने किया है पर बच्चे की जान को खतरा न हो, इस लिहाज से उससे सख्ती न करके भावनात्मक तरीके से पूछताछ की जा रही थी। फिरौती की कॉल के बाद जब उसकी पिटाई की गई तो वह तोते की तरह राज उगलने लगा और शव बरामद करा दिया।
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अग्रिम के मामा बोले- सुमित है असली आरोपी
प्रेसवार्ता के दौरान अग्रिम के मामा बीसलपुर निवासी चंद्रशेखर भी आ गए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अभी आधा काम ही किया है। असली आरोपी सुमित है जो उनके बहनोई से ट्यूशन पढ़ता था। उसी के जरिये सुनील का उनके घर आना जाना हुआ। पुलिस जाने किस वजह से उस पर हाथ नहीं डाल रही है। कुछ और भी लोगों का हाथ हो सकता है। उनके बहनोई का कुछ दिन पहले ऑपरेशन हुआ है। वे शादी में आने को तैयार नहीं थे। तब सुमित ने जिद की कि वो कार भेज देगा। मजबूरी में बहनोई बाइक से आए और ये घटना हो गई।

ये था मामला
रविवार शाम बीसलपुर पीलीभीत के गांव हाफिजनगर बन्नाही निवासी बेसिक शिक्षक चंद्रप्रकाश पत्नी रुचि गंगवार और चार वर्षीय बेटे अग्रिम के साथ पीलीभीत के ही दियोरिया कलां निवासी अपने स्टूडेंट सुमित की बहन रूबी की शादी में नवाबगंज एक बरातघर में आए थे। यहीं से रात साढ़े आठ बजे अग्रिम लापता हो गया। पुलिस ने पड़ताल की तो अग्रिम सीसीटीवी फुटेज में दियोरिया कलां के ही सुनील के पीछे जाता दिखा। इसके बाद सुनील फिर बरातघर में दिखा पर अग्रिम नजर नहीं आया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे सोमवार तड़के ही पकड़कर थाने में बैठा लिया।
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