बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के खेड़ा नवादा स्थित सागर ताल कॉलोनी में बदमाशों ने गुरुवार को दिनदहाड़े जिला अस्पताल में तैनात एक महिला कर्मचारी की हत्या कर दी, वारदात के वक्त वह घर में अकेली थी। पड़ोसियों का कहना है कि घर से लूटपाट भी हुई है। उनके पहने हुए जेवर और कीमती सामान लूटने का अंदेशा जताया जा रहा है।
जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स मसर्रत बेगम (58) पत्नी सलीम साबिर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की सागर ताल कॉलोनी स्थित मकान में अकेली रहतीं थीं। उनके पति का चार-पांच साल पहले इंतकाल हो चुका है। बेटा उस्मान सलीम कतर में रहता है, जबकि बेटी गजल सलीम बरेली में पढ़ाई कर रही है। बताया जाता है गुरुवार दोपहर दो बजे वह जिला अस्पताल से ड्यूटी खत्म करके घर लौटी थीं। दोपहर तीन बजे से चार बजे के बीच कुछ बदमाश उनके घर में घुस गए और दुपट्टे से गला घोंटकर मसर्रत बेगम की हत्या कर दी। उसके बाद पहने हुए झाले, सोने की चेन, पायल और घर में रखी नकदी समेत सोने-चांदी के आभूषण लूट ले गए। शाम करीब चार बजे मोहल्ले के बच्चों को पढ़ाने आए हाफिज ने जब उनके घर का दरवाजा खुला देखा तो वह अंदर चले गए लेकिन सारा सामान तितर-बितर और जमीन पर पड़ी स्टाफ नर्स की लाश देखकर उनके हाथ पांव फूल गए। उनके शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग आ गए। इधर, दिनदहाड़े हुई वारदात की सूचना पर सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओपी गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। बाद में एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ सिटी राघवेंद सिंह राठौर भी पहुंच गए। सूचना मिलने पर बेटी गजल भी बदायूं आ गई। उसका रो-रोकर बुरा हाल था।
पुलिस ने स्टाफ नर्स के शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। उनके बेटे को सूचना दे दी गई है।
कहीं परिचित तो नहीं है वारदात में शामिल
बदायूं। स्टाफ नर्स की हत्या को लेकर हो रही चर्चाओं पर गौर करें तो कुछ लोगों का कहना है कि शायद किसी व्यक्ति ने उन्हें फोन किया था, इसलिए वह गुरुवार बड़े सरकार की ज्यारत नहीं गई थीं। वह सीधे अपने घर चली गईं। इसके लिए पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी निकलवाई है।
लोगों का कहना है कि मसर्रत बेगम प्रत्येक गुरुवार को जिला अस्पताल से ड्यूटी खत्म करके सीधे घर नहीं जातीं थीं। वह जिला अस्पताल से निकलकर सबसे पहले बड़े सरकार की ज्यारत पर जाती थीं। उसके बाद अपने घर पहुंचतीं थीं लेकिन वारदात के दिन वह ज्यारत नहीं गईं। ड्यूटी खत्म करके वह सीधे अपने घर चली गईं।
सुबूत और गवाह समेट ले गए हत्यारे
जिस समय लूटपाट और स्टाफ नर्स की हत्या की गई, उस दौरान कॉलोनी के किसी व्यक्ति को उसकी भनक तक नहीं लगी। वारदात दिन में होने के बावजूद कॉलोनी के किसी व्यक्ति ने हत्यारों को उनके घर में जाते या बाहर निकलते तक नहीं देखा। ऐसा नहीं था कि कॉलोनी में कोई परिवार या व्यक्ति नहीं रहता है। सागर ताल की ज्यारत को आने-जाने वाले लोगों की भीड़ लगी रहती है। आसपास कई मकान भी बने हुए हैं। इसके बावजूद लोगों को पता न लगने वाली बात पुलिस को हैरानी में डाल रही है। इधर, वारदात स्थल के आसपास कहीं सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। कॉलोनी को जाने वाले रास्ते पर शुरुआत में एक दो जगह सीसीटीवी कैमरे हैं। शायद उनसे पुलिस को कोई सुराग लग सके लेकिन अब तक पुलिस को हत्यारों के खिलाफ न तो कोई सुबूत मिला है और न ही कोई गवाह का पता चला है। पुलिस इसकी पूरी छानबीन में लगी हुई है। ---------
घुमंतूू लोगों पर पुलिस को शक
स्टाफ नर्स की हत्या में पुलिस को शक है कि शायद घुमंतू परिवारों का इसमें हाथ हो। सागर ताल के पास कुछ घुमंतू परिवार काफी समय से डेरा डाले हुए हैं। वारदात के बाद पुलिस ने उनके डेरों की तलाशी भी ली थी। कुछ लोगों से इसमें पूछताछ भी की गई है, परंतु अब तक कुछ पता नहीं चला है।
स्टाफ नर्स घर में अकेली रहतीं थीं। तीन बजे तक लोगों ने उन्हें सकुशल देखा था। करीब चार बजे मोहल्ले में बच्चों को पढ़ाने आए मौलवी को सबसे पहले पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। छानबीन के लिए पुलिस टीमें लगा दी गईं हैं। मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य निकलकर सामने आएंगे, उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी