बरेली। मुर्गी वाली गली में राम बरात जुलूस के दौरान हुए बवाल में एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाकर शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की महिलाएं एसएसपी से मिलीं और अपनी भी रिपोर्ट कराने व निर्दोषों की गिरफ्तारी रुकवाने की मांग की। एसएसपी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को मुर्गे वाली गली की वहीदन, शहजादी, शाहजहां, मैना, रुखसाना समेत करीब पचास महिलाएं एसपी देहात संसार सिंह से मिलीं थीं। तब एसपी देहात ने उन्हें एसएसपी या एसपी सिटी से मिलने की सलाह दी थी। शुक्रवार को यही महिलाएं फिर एसएसपी दफ्तर आईं और एसएसपी मुनिराज जी. से मिलीं। बताया कि बवाल जुलूस के साथ चल रहे लोगों ने किया और उनकी गली में घुसकर उपद्रव किया। बारादरी पुलिस ने उनकी तहरीर तो ली नहीं, बल्कि हमलावरों की ओर से 22 लोगों पर रिपोर्ट कर दी। पुलिस चार निर्दोष लड़कों को जेल भेज चुकी है जिनमें दो नाबालिग और एक बीमार है। 26 मार्च को पुलिस ने देर रात दबिश के नाम पर घरों में तोड़फोड़ और महिलाओं से मारपीट की। निष्पक्ष जांच बारादरी के अलावा अन्य थाने की पुलिस से कराई जाए। उनकी ओर से भी रिपोर्ट कराएं। ऐसा नहीं हुआ तो बस्ती के सभी परिवार पलायन कर जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी। एसएसपी ने भरोसा दिलाया कि पलायन की जरूरत नहीं है। केवल दोषियों पर ही साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई होगी। कहा कि उनकी ओर से लगाए आरोपों की भी जांच करा ली जाएगी। दूसरी तरफ से जो दोषी होगा, उस पर भी कार्रवाई होगी।