बरेली। एनआईए और एटीएस की संयुक्त छापामारी में आतंकी हमले की बड़ी साजिश को नाकाम हुई। हापुड़, मेरठ और अमरोहा में छापेमारी के बाद बरेली में भी सतर्कता देखी गई। खुफिया इकाइयां संदिग्धों का बरेली से कनेक्शन तलाश रही हैं।
एटीएस की टीमों ने बरेली रेंज में भले ही छापेमारी न की हो, लेकिन पूर्व गतिविधियों के चलते पूरे दिन यहां सरगर्मियां चलती रहीं। वजह पूर्व में यहां से पकड़ा गया पाकिस्तानी जासूस मो. इजाज और रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमले के संदिग्ध हैं। इसके अलावा बिथरी से भी एक पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार किया जा चुका है। पाकिस्तानी जासूस मो. इजाज ने बरेली में ठिकाना बनाकर 15 महीने तक जासूसी की थी। उसके पास से त्रिशूल एयरबेस, गरुड़ डिवीजन, आईटीबीपी कैंप और जाट रेजिमेंट के अंदर के नक्शे भी मिले थे। बताया जाता है कि वह कई खुफिया जानकारियों को पाकिस्तान तक पहुंचा चुका था। मो. इजाज के बाद एटीएस ने लखनऊ से रमेश को गिरफ्तारी की। वह भी तीन दिन तक त्रिशूल एयरबेस के आस-पास रहकर रेकी कर गया था। इसके अलावा यहां के कुछ स्लीपिंग मॉड्यूल्स की सक्रियता भी मुंबई तक पकड़ी गई थी। इसके चलते ही बुधवार को पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। एटीएस के स्थानीय प्रभारी मंजीत सिंह ने बताया कि फिलहाल एनआईए या एटीएस की कोई बाहरी टीम बरेली नहीं आई है। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।