बरेली। दो विवाहिताओं को बेटियां पैदा करने की सजा भुगतनी पड़ी। दहेज की आड़ में उनका उत्पीड़न किया गया। एक मामले में पति ने तंत्र क्रिया के बहाने विवाहिता की हत्या कोशिश की तो उसने खुद को कमरे में बंद कर जान बचाई। वहीं दूसरे मामले में दो बेटियां पैदा होने के बाद पति ने शारीरिक रिश्ते ही खत्म कर लिए। दोनों ही मामलों की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सुभाषनगर की गंगानगर कालोनी निवासी पूजा की शादी करीब तीन साल पहले आंवला के गांव करसारी निवासी महेश से हुई थी। पूजा का आरोप है कि बेटी के जन्म से नाखुश महेश उसे इलाज के बहाने तांत्रिक मामा के पास ले जाकर मारना चाहता है। अक्सर उसके साथ मारपीट की जाती थी और दहेज की मांग करते थे। छह सितंबर की रात महेश तांत्रिक मामा के कहने पर उसे जबरन तालाब की ओर ले जाने लगा। हत्या की आशंका में पूजा ने खुद को कमरे में बंद कर मायके वालों को फोन कर दिया। उन लोगों ने पुलिस की मदद से उसे मुक्त कराया। पूजा ने थाना सुभाषनगर में पति महेश, सास भूदेवी, तांत्रिक मामा महावीर, कविता व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वहीं दूसरे मामले में जनकपुरी निवासी पीड़िता ने इज्जतनगर क्षेत्र निवासी पति एवं ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी 12 साल पहले हुई थी। ससुराल वाले दहेज में फार्च्यूनर कार दिलाने का दबाव बनाते थे। इसी बीच एक-एक करके दो बेटियां पैदा हुईं तो ससुराल वालों का उत्पीड़न बढ़ता ही गया। बेटियां होने के चलते दो साल से पति ने शारीरिक रिश्ता रखना भी बंद कर दिया। इसके बाद पति उसे छोड़कर दिल्ली चले गए। करीब छह माह पहले ससुराल वालों ने बेटियों समेत उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता की तहरीर पर पति समेत अन्य ससुराल वालों पर थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज की गई है।