उमरिया के अधिकांश बाशिंदे पुलिस के खौफ से अपने घरों से भागे हुए हैं। मोहर्रम के जुलूस को लेकर हुए बवाल के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव की सीमा पर डेरा डाले हुए है, इसके बावजूद सोमवार रात छह से ज्यादा हथियारबंद बदमाशों ने उमरिया में धावा बोल दिया। बदमाशों ने महिलाओं और बच्चों को बंधक बनाकर तीन घरों में लूटपाट की। बदमाशों ने कई घरों के दरवाजों पर डंडे भी मारे, खौफजदा लोग बाहर निकलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। सुबह होने पर तीन घरों में लूटपाट की खबर पूरे गांव में फैल गई। गांव वाले बोले- पहले हमारे घरों को पुलिस ने और अब बदमाशों ने उजाड़ दिया है। गांव वाले पुलिस से इस कदर खफा हैं कि उन्होंने लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कराने से भी मना कर दिया है।
पेशे से ड्राइवर राशिद उल्ला भी गिरफ्तारी के डर से घर से भागे हुए हैं। उनकी बीवी सोमना ने बताया कि सोमवार रात बिजली नहीं आ रही थी। वह बच्चों के साथ कमरे में सोई थीं। आधी रात के बाद दीवार फांदकर बदमाश अंदर घुस आए। उनके हाथ में चाकू और तमंचे थे। टार्च की रोशनी मुंह पर मारकर खामोश रहने को कहा। उसके बाद घर का सारा सामान तहस-नहस कर दिया। संदूक में रखे 31 सौ रुपये, जेवर और वर्तन लूट लिए। यहां से निकलकर बदमाश बगल में रहने वाले नूर मोहम्मद के घर पहुंचे। घर में अकेली नूर मोहम्मद की बहन थी। बदमाशों के डर से वह बाथरूम में छिप गई। बदमाशों ने अलमारी और संदूक में रखी नकदी और कीमती सामान लूट लिया। इसके बाद बदमाशों ने कलीमुद्दीन के जरी के कारखाने से जरी का सामान चोरी कर लिया।
दरवाजों पर पैर मारते रहे बदमाश, दुबके रहे लोग
गांव की अमीना ने बताया कि उनके घर के दरवाजे पर बदमाशों ने पैर मारकर देखा कि दरवाजा खुला है या बंद। गांव के और भी कई लोगों ने बताया कि बदमाशों ने उनके दरवाजों पर डंडे मारे। दहशत के चलते लोग घरों में दुबके रहे। किसी ने बाहर निकलने की हिम्मत नहीं की। सबसे अहम बात यह है कि गांव के तीन तरफ के रास्तों पर पुलिस मौजूद थी। इसके बावजूद बदमाश वारदात करके निकल गए।