आंवला के गांव रसूला में 23 अगस्त 2012 को बंद गैराज में कार के अंदर मृत पाए गए एक युवक-युवती की मौत की जांच छह साल बाद सीबीसीआईडी को सौंपी गई है। दोनों शवों के पोस्टमार्टम से भी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी थी। इस मामले में प्रारंभिक छानबीन के बाद सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार सक्सेना ने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला को पत्र लिखकर पांच डॉक्टरों की कमेटी बनाने को कहा है जो युवक-युवती की मौत की वजह साफ कर सके।
आंवला के मोहल्ला भुर्जीटोला के रहने वाले रामसेवक मौर्य का बेटा पुष्पेन्द्र एक मार्केटिंग कंपनी में काम करता था। 23 अगस्त 2012 को गैराज में खड़ी कार के अंदर पुष्पेन्द्र एक युवती के साथ अचेतावस्था में पड़ा मिला। दोनों को बाहर निकाला गया। पुष्पेन्द्र की पहले ही मौत हो चुकी थी, कुछ ही देर बाद युवती ने भी दम तोड़ दिया। युवती एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षक थी। थाना पुलिस ने छानबीन के बाद गैराज में एसी चलाकर सोने को दोनों की मौत का कारण बताया गया। पुष्पेंद्र के पिता हत्या के आरोप लगा रहे थे। थाने से दो बार एफआर लगने के बाद यह केस सीबीसीआईडी को दिया गया है।