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राजा सेठी प्रकरण :

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राजा सेठी प्रकरण :
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लूट का मुकदमा भी दर्ज हो चुका है राजा सेठी पर
पुलिस खंगाल रही पुराना रिकार्ड, शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की करेगी संस्तुति
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। इंस्पेक्टर का गिरेबान पकड़ने वाले राजा सेठी और उसके दूसरे बेटे गगनदीप को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस उसका पुराना आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है। उसके खिलाफ 1999 में मारपीट और लूट का मामला भी दर्ज हो चुका है। पुराने आपराधिक रिकार्ड के आधार पर सुभाषनगर पुलिस अब उसका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करेगी। सुभाषनगर पुलिस ने शनिवार को भी गिरफ्तारी के लिए दबिशें दीं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
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नगर निगम के अतिक्रमण हटाने के लिए चल रहे अभियान के दौरान सात मार्च को राजा सेठी, उसके बेटे नमनदीप और गगनदीप ने सुभाषनगर थाना पुलिस के साथ मारपीट की थी। आरोपी नमनदीप ने इंस्पेक्टर कृष्ण मुरारी दोहरे का गिरेबान पकड़कर उन्हें थप्पड़ मार दिया था। पुलिस ने नमनदीप को तो मौके पर ही पकड़ा लिया था लेकिन राजा सेठी अपने दूसरे बेटे गगनदीप के साथ भाग गया था। वारदात के बाद राजा सेठी ने अपने बचाव में रसूखदारों से पैरवी कराई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने भी मामले में हस्तक्षेप किया, लेकिन सुभाषनगर थाना पुलिस ने नमनदीप को जेल भेज दिया। अब पुलिस राजा सेठी का आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है। शनिवार को पता चला कि उसके खिलाफ 1999 में लूट और दूसरी एफआईआर मारपीट की धारा में दर्ज हुई थी। इसके आधार पर राजा सेठी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने के लिए प्रशासन को आख्या भेजने की तैयारी है।
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