फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईपीएस के घर चोरी के खुलासे में नहीं अफसरों को रुचि

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पीएसी कमांडेंट आईपीएस विकास वैद्य के घर में हुई चोरी के खुलासे को लेकर अफसर रुचि नहीं ले रहे हैं। नाम के लिए चार टीमें तो बना दी गई हैं लेकिन यह टीमें सिर्फ उतना ही चलती हैं, जितना वह इनपुट दे देते हैं। न तो अफसर इसको लेकर विशेष रुचि ले रहे हैं और न ही थाना पुलिस। घटना के दिन से ही सभी मामले के खुलासे के बजाय उसे छुपाने में जुटे हैं। महकमे और अफसरों के इस रवैया को लेकर आईपीएस काफी आहत हैं।
विज्ञापन

आईपीएस विकास वैद्य रविवार को पुलिस की कार्रवाई को लेकर संतुष्ट भी नहीं नजर आए। कहा- मुखबिर तंत्र अब पूरी तरह से चौपट हो गया है। पुलिस अब सर्विलांस पर काम करती है। कब सुराग मिलेंगे और कब चोर पकड़े जाएंगे। वह जो इनपुट दे रहे हैं, पुलिस उस पर ही काम कर रही है। कहने के लिए चार टीमें बनाई हैं। मगर कोई खास प्रगति अब तक नजर नहीं आ रही है। बता दें कि पीएसी कमांडेंट विकास वैद्य के गोल्डन ग्रीन पार्क स्थित मकान में शुक्रवार शाम चोरी हो गई थी। आईपीएस तो सपरिवार पीएसी परिसर में रहते हैं। मगर इस घर में आना-जाना रहता है। हरूनगला निवासी हीरानंदन करीब छह साल से इस घर की रखवाली करते हैं। शुक्रवार शाम हीरानंदन खाना खाने गए और रात करीब नौ बजे लौटे तो पूरे घर के ताले टूटे मिले। चोर यहां से लाखों रुपये के जेवर चोरी कर ले गए थे। रिपोर्ट हीरानंदन ने ही दर्ज कराई थी। सूचना पर एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने फील्ड यूनिट के साथ निरीक्षण किया था।

चोरी गए मां के पुश्तैनी जेवर
रविवार को मदर्स डे था। सोशल मीडिया के दौर में सभी अलग-अलग तरह से अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे हैं। कोई मां को तोहफे दे रहा है और कोई उनके साथ बिताए लम्हों को याद कर रहा है। पीएसी आठवीं वाहिनी के कमांडेंट आईपीएस विकास वैद्य भी इससे अछूते नहीं रहे। बुधवार को उनके मकान में चोरी हो गई थी और उसमें रखे मां के पुराने जेवर भी चोरी हो गए। वह मां की निशानी को खोने के गम में भावुक हो उठे।
विज्ञापन


कोई करीबी ही वारदात में शामिल
आईपीएस ने स्वीकार किया कि घटना में कोई करीबी ही शामिल है। पूरी रेकी के बाद ही वारदात को अंजाम दिया गया है। क्योंकि दूर-दराज से आने वाला कोई चोर इतने विश्वास के साथ ऐसी वारदात को अंजाम नहीं दे सकता।

आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में
शनिवार रात क्राइम ब्रांच ने शहर से सटे गांवों में दबिश देकर आधा दर्जन संदिग्ध हिरासत में लिए हैं और अब इनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी कोई खास नतीजा सामने नहीं आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें