बरेली। जालसाजों ने 500 रुपये से लेकर दस रुपये तक के 42 नोट गड्डियों में शामिल करके आईसीआईसीआई बैंक में खपा दिए। 30 दिन के अंदर पहुंचे इन नोटों के संबंध में कोतवाली पुलिस को सूचना दी है। पुलिस ने नोट सौंपने की बात कहते हुए फिलहाल रिपोर्ट नहीं दर्ज की है।
सिविल लाइंस स्थित आईसीआईसीआई बैंक ने 30 दिनों में 42 जाली नोट होने की सूचना कोतवाली पुलिस को दी है। यह राशि 4130 रुपये है, जिसमें सर्वाधिक सौ रुपये के 24 नोट हैं। बैंक स्टाफ के मुताबिक बैंक की डिपॉजिट मशीन और काउंटर पर करेंसी जमा कराई जाती है। काउंटर पर आने वाली नकदी भी मशीनों के जरिये ही जांची जाती है। मगर यह नोट किसी कारणवश पकड़ में नहीं आ सके और गड्डियों में लगाकर जमा कर दिए गए। पहले छह महीने में जाली नोट का डाटा थाने में भेजा जाता था, लेकिन आरबीआई के निर्देशानुसार अब यह प्रक्रिया हर महीने होने लगी है। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने जांच की बात कहते हुए मामले की रिपोर्ट नहीं दर्ज की है।
जाली करेंसी की डिटेल
500 रुपये के दो नोट
100 रुपये के चौबीस नोट
50 रुपये के चौदह नोट
20 रुपये का एक नोट
10 रुपये का एक नोट
डिपॉजिट मशीन से जमा हो चुकी है 56 हजार की जाली करेंसी
वर्ष 2016 में कुतुबखाना में एक निजी बैंक की डिपॉजिट मशीन से 56 हजार रुपये के जाली नोट खाते में जमा होने के बाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मगर मशीन के जरिये रुपये जमा करने वाले तक जालसाज तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। इसके अलावा पहले भी कोतवाली में जाली नोट बैंक में पहुंचने की कई रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं।
शनिवार को बैंक के स्टाफ ने 42 जाली नोट जमा होने की जानकारी दी है। बैंक की तरफ से जाली नोट पुलिस को नहीं दिए गए हैं। नोट मिलने के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी - गीतेश कपिल, इंस्पेक्टर कोतवाली