बरेली। एक मामूली वारदात के बाद चोरों का एक बड़ा गैंग जीआरपी के हाथ लग गया। सोमवार को जंक्शन पर एक महिला का पर्स चोरी होने के बाद उसके ससुराल वालों ने सीसीटीवी फुटेज देखकर एक चोर को दबोचकर जीआरपी के सुपुर्द किया था। जीआरपी ने इसके बाद पूरा गैंग धर दबोचा, जिसमें तीन महिलाओं के साथ एक साले-बहनोई भी शामिल हैं। यह जानकर जीआरपी भी हैरान रह गई कि यह गैंग अपनी स्कॉर्पियों से देश के कई राज्यों में घूम-घूमकर वारदातें करता था। 10 महीने में ही उनकी स्कॉर्पियो 42 हजार किमी का सफर कर चुकी थी।
सोमवार को नरियावल के पुष्पेंद्र की पत्नी रूबी का जंक्शन के बाहर पर्स चोरी हो गया। पर्स में रखे एटीएम कार्ड पर लिखे पिन कोड का फायदा उठाकर चोरों ने कुछ ही देर में 35 हजार की शॉपिंग कर डाली। रूबी के पति पुष्पेंद्र ने घरवालों के साथ जंक्शन के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर एक चोर को दबोचकर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया था। जीआरपी ने इसके बाद स्कॉर्पियो आरजे 29 एयू 5686 समेत गैंग के बाकी सदस्यों को भी दबोच लिया। स्कार्पियो से मंगलसूत्र, एटीएम कार्ड, चोरी के एटीएम से खरीदे गए कपड़े, सोने की कंठी, आठ मोबाइल, आधा किलो अफीम, नौ हजार रुपये भी बरामद हुए।
जीआरपी के मुताबिक पकड़े गए लोगों में दौसा (राजस्थान) के आनंद चौहान, प्रदीप चौहान और पिंकी के अलावा अलवर के सुशील शामिल हैं। आनंद और प्रदीप साले-बहनोई है। जीआरपी यह देखकर हैरान रह गई कि दस महीने पहले ही खरीदी गई इस गाड़ी से चोरों के गैंग ने 42 हजार किमी का सफर कर चुका था। गैंग के पास राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, दिल्ली के कई वकीलों के कार्ड भी मिले हैं। बुधवार को मुरादाबाद से आए सीओ डॉ. संतोष कुमार सिंह ने खुलासा करते हुए जीआरपी इंस्पेक्टर किशन अवतार की पीठ थपथपाकर उन्हें शाबासी दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीन-चार दिन पहले बरेली आया यह गिरोह जंक्शन पर बड़ी वारदात की तलाश में था।
इन चोरों का संबंध बाबरिया गिरोह से होने की आशंका है, जांच की जा रही है। - डॉ. संतोष कुमार सिंह, सीओ जीआरपी