कोतवाली पुलिस ने अवैध हथियार खरीदकर ले जा रहे ग्रामीण की सूचना पर जंगल में अवैध असलहे बनाते पिता पुत्र को हिरासत में लेकर उनके पास से निर्मित व अधबने असलहे बरामद किए हैं। हालांकि मुख्य आरोपी पुलिस टीम पर फायरिंग करता हुआ अंधेरे में भाग निकला। पुलिस ने तीनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर बाप बेटे को जेल भेजा है।
कोतवाल पंकज वर्मा ने बताया कि एसएसपी के निर्देश पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत नगरिया देहजत्थी गांव के नरेशपाल को तमंचा सहित दबोच लिया गया। पूछने पर उसने बताया कि गांव बदायूं बार्डर के गांव पड़वा के जंगल में हथियार बनाये जा रहे हैं। उन्होंने पुलिस टीम के साथ लालाराम के नलकूप पर छापा मारा तो वहां हथियार बना रहे बदायूं के थाना बिनावर क्षेत्र के गांव रहमा निवासी गुुलाम नवी व उनके बेटे फैज मोहम्मद को हिरासत में ले लिया। यहां से लालाराम फायर करता हुआ अंधेरे में निकल गया। उनके पास से चार तमंचे, एक पौनिया व चार अधबने तमंचे और इन्हें बनाने का सामान बरामद किया गया। पूछताछ करने पर दोनो कारीगरों ने बताया कि लालाराम के कहने पर वह मजदूरी पर दो दिन पूर्व हथियार बनाने आये थे। वह एक तमंचा बनाने का 1500 रुपया लेते हैं जबकि लालाराम उसे 3500 रुपये में बेचता है।
पुलिस की गिरफ्त में आए गुलाम नवी और उसके बेटे फैज मोहम्मद पर बदायूं के थाना बिनाबर, बिसौली व बिल्सी के अलावा अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। बुजुर्ग हो चले गुलाम नवी ने बेटे को इस धंधे में उतार दिया। गुलाम नवी ने बताया कि एक दिन में वह दोनो लोग तीन से चार तमंचे बनाकर करीब छह हजार रुपये कमाते हैं। बताया कि बेटी की शादी के लिये जरूरतें पूरी करने को वह लालाराम के बुलावे पर आया था।