बरेली। बड़ी बेटी की शादी तय करने बुलंदशहर के लिए निकले परिवार को छोटी बेटी के फंदे से लटककर खुदकुशी कर लेने की सूचना पर आधे रास्ते से लौटना पड़ा। पुलिस पहुंचने के बाद दरवाजा तोड़कर लाश को फंदे से उतारा गया। कमरे की तलाशी में सुसाइड नोट भी नहीं मिला। परिवार के इंकार के बावजूद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
बहराइच के नानपारा में एक फैक्ट्री में नौकरी करने वाले मुकेश सक्सेना मूल रूप से गुद्दड़बाग में रहने वाले हैं। संपत्ति बंटवारे के चलते उन्होंने कानून गोयान में विवेक भारती के मकान का एक हिस्सा किराये पर लिया था। यहां उनकी पत्नी रजनी सक्सेना, बड़ी बेटी प्राची और छोटी बेटी आकांक्षा रहते थे। एक साल पहले मुकेश के बेटे की सड़क हादसे में गाजियाबाद में मौत हो चुकी है। आकांक्षा निजी कंपनी में नौकरी करती थी। पड़ोसियों ने बताया कि बुलंदशहर के खुर्जा में मुकेश ने बड़ी बेटी के रिश्ते के लिए बात की थी। रिश्ता तय करने वह परिवार के साथ सुबह आठ बजे निकले थे। रास्ते में ही उन्हें 23 वर्षीय आकांक्षा के खुदकुशी कर लेने की सूचना मिली।
खिड़की से झांकने पर नजर आई लाश
मकान मालिक विवेक जब नीचे उतरे तो दरवाजे पर ताला नहीं था लेकिन चहलपहल भी नहीं थी। उन्होंने दरवाजा पर धक्का दिया तो वह अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर भी कोई नहीं बोला तो खिड़की से झांका तो पंखे से दुपट्टे के सहारे आकांक्षा की लाश लटकी दिखाई दी। उन्होंने मोबाइल पर मुकेश को फोन किया तो वह जोया और गजरौला के बीच में थे। बेटी की खुदकुशी के बारे में पता चलने के बाद पूरा परिवार वही से लौट आया। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं है। छानबीन की जा रही है।