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सलाखों पर लगी पॉलिथीन, बैरक में हीटर

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बरेली। पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद को एक दिन पहले ही तन्हाई बैरक से हटाकर 98 नंबर की बैरक में नौ बंदियों के साथ रखा गया था। अब उसकी बैरक में जेल प्रशासन ने हीटर भी लगा दिया है। हवा न आए, इसके लिए सलाखों पर पॉलिथीन लगाई गई है। जेल सूत्रों के मुताबिक माफिया को शागिर्दों की आदत है। इसलिए नौ अन्य बंदी उसके साथ रखे गए हैं। वहीं जेल प्रशासन अतीक की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
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दरअसल माफिया अतीक को मधुमेह है और ब्लड प्रेशर में भी सामान्य नहीं रहता है। ऐसे में ठंड उसकी सेहत बिगाड़ सकती है। इसलिए उसकी बैरक की सलाखों पर पॉलिथीन लगा दी गई है। जेल सूत्रों के मुताबिक एक हीटर भी उसकी बैरक में उपलब्ध कराया गया है। जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने बताया कि जिला जेल के चिकित्सालय में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए पांच हीटर मंगवाए गए थे। ताकि ठंड की वजह से किसी बंदी की हालत न बिगड़ने पाए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को माफिया अपनी बैरक में ही रहा। धूप नहीं निकलने और पूरे दिन धुंध छाये रहने की वजह से डॉक्टर उसके स्वास्थ्य पर निगरानी बनाए हुए हैं। साथ ही, जेल के कंबल के साथ उसके साथ आए रजाई और कंबल को इस्तेमाल करने की भी जेल प्रशासन ने अनुमति दी हुई है। अपनी बैरक में रहे माफिया ने समय पर बंदियों के साथ ही खाना खाया। पूरे दिन में उसका व्यवहार बंदी रक्षकों के साथ सामान्य बना रहा।

जिला जेल में आया फोन.. अतीक से बात कराओ
बरेली। जिला जेल में शिफ्ट हुए माफिया से उसके गुर्गे फोन पर संपर्क करना चाहते है। शुक्रवार को भी डॉट फोन पर दो कॉल आए। फोन करने वाला शख्स अतीक अहमद से बात करना चाहता था। जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने फोन पर बात कराने से मना कर दिया। फोन करने वाले ने कहा - आपको दिक्कत हो तो मैं सिफारिश करा दूं। उन्होंने फोन करने वाले को जेल मेन्युअल के मुताबिक पर्ची कटवाकर मुलाकात करने का सुझाव दिया। जिसके बाद फोन कट गया।
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जेल सूत्रों के मुताबिक फोन के जरिये माफिया से बात करने की कोशिश हो रही है। एक अधिकारी के मुताबिक यह शख्स माफिया से मुलाकात के दौरान जेल के दस्तावेजों में आने से बचने के लिए ऐसा कर रहा है। उन्होंने बताया कि मुलाकातियों पर भी निगरानी है, शुक्रवार को माफिया से मुलाकात के लिए कोई नहीं पहुंचा है। जेल के आस-पास की गतिविधियों पर खुफिया विभाग भी अपनी रिपोर्ट तैयार करके एसएसपी मुनिराज जी. को सौंप चुका है।

एक कंपनी पीएसी ने जिला जेल में डाला डेरा
बरेली। माफिया के जेल के अंदर से मोबाइल पर बात करने के इनपुट पर हुई छापामारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्रा ने सवाल उठाए थे। उन्होंने डीएम को लिखे पत्र में भी इसका जिक्र किया था। शुक्रवार को एसएसपी मुनिराज जी. ने एक कंपनी पीएसी भेजने के निर्देश जारी कर दिए। दोपहर में पीएसी जेल परिसर में पहुंच गईं। अधीक्षक ने एक हिस्से में पीएसी के कैंप लगवाया है। उन्होंने कहा - पीएसी के आने से थोड़ी राहत हुई है।
जेल में बंदी रक्षक की सीमित संख्या और करीब 2900 बंदियों की मौजूदगी के साथ माफिया की शिफ्टिंग होने से अधीक्षक ने डीएम को लेटर लिखकर सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि एक बंदी से जेल में बाकी बंदियों का नियंत्रण बिगड़ सकता है। डीएम ने भी अपने लिखे लेटर में लॉ एंड आर्डर बिगड़ने की आशंका जाहिर की थी। जिसके बाद एसएसपी ने एक कंपनी पीएसी को जेल परिसर में रहने के आदेश जारी किए। बता दें कि सेंट्रल जेल के बाहर भी पीएसी के कैंप लगे हैं। एसएसपी ने बताया कि अधीक्षक को आश्वस्त किया गया है कि बिथरीचैनपुर थाने की फोर्स उनके एक कॉल पर उपस्थित होगी।
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