रामपुर का बर्खास्त सिपाही मोहम्मद रफी सोशल मीडिया पर पुलिस को ही ब्लैकमेल कर रहा था। इस मामले में उसके खिलाफ रामपुर के थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से सिपाही फरार चल रहा है। सोमवार को वह इस मामले की विवेचना बदलवाने के लिए एडीजी प्रेमप्रकाश के कार्यालय पहुंचा तो वहां से उसे गिरफ्तार करा दिया।
रामपुर के थाना सिविल लाइंस में स्वाट टीम में तैनात सिपाही दीपक कुमार ने बर्खास्त सिपाही मोहम्मद रफी के खिलाफ अवैध वसूली करने और धमकाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। दीपक का आरोप था कि बर्खास्त सिपाही ने उसकी सट्टा और स्मैक का धंधा कराने, अपराधियों से साठगांठ करने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल के साथ ही आईजी तथा एडीजी से की थी। जांच में वह कोई सबूत नहीं दे पाया। दीपक का आरोप यह भी है कि मोहम्मद रफी ट्वीटर और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिये पिछले काफी समय से शिकायतें करते हुए उस पर दबाव बनाकर रुपयों की मांग कर रहा था। इस मामले में गिरफ्तारी के लिए रामपुर पुलिस लगार दबिश दे रही थी। सोमवार को मोहम्मद रफी मामले की विवेचना बदलवाने के लिए एडीजी प्रेमप्रकाश के कार्यालय में पहुंचा। एडीजी को जब पता चला कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से वह फरार है तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को बुलाकर सिपाही को गिरफ्तार करा दिया। इसके बाद पहुंची रामपुर पुलिस उसे अपने साथ ले गई।